आइए जानते हैं आयरन की कमी से जुड़े 5 अहम लक्षणों के बारे में

Iron Deficiency Symptoms: आइरन एक बेहद आम आयरन की कमी शरीर की एक बहुत ही आम पोषण संबंधी कमी है, विशेष रूप से प्रसव उम्र की महिलाओं और उन लोगों में जो खाने में आयरन युक्त चीज़ें नहीं लेते हैं। आयरन की कमी से एनीमिया हो जाता है। ऐसा तब होता है जब आपके शरीर में हीमोग्लोबिन बनाने के लिए पर्याप्त आयरन न हो।

हीमोग्लोबिन, रेड ब्लड सेल्स में मौजूद प्रोटीम को कहा जाता है, जो टिशूज़ तक ऑक्सीजन को ले जाता है। हीमोग्लोबिन कम होने की वजह से शरीर के टिशूज़ और मसल्स तक पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं पहुंच पाती।

भले ही आयरन की कमी एनीमिया का सबसे आम प्रकार है, लेकिन फिर भई इसके लक्षण इसकी गंभीरता के आधार पर अलग हो सकते हैं। अगर एक इंसान में आयरन की थोड़ी कमी है तो इसके लक्षणों का पता लगाना और भी मुश्किल हो जाता है।

आइए जानते हैं आयरन की कमी से जुड़े 5 अहम लक्षणों के बारे में:

1. अत्यधिक थकान और चिढ़

थकावट महसूस करना आयरन की कमी के सबसे आम लक्षणों में से एक है। एक तरफ कभी कभी थकान महसूस करना आम है, लेकिन अगर ये आपके फोकस, सोचने की शक्ति को प्रभावित कर रहा है और साथ ही चिढ़ चिढ़ापन बढ़ा रहा है तो इसे खतरे की घंटी मानिए। अगर आप अक्सर थका हुआ महसूस करते हैं और थकावट पर्याप्त आराम के बाद भी नहीं जाती, तो इसका मतलब ये समय ब्लड टेस्ट कराने का है।

2. त्वचा का रंग फीका पड़ना

अगर आपकी त्वचा का रंग फीका या पीला पड़ गया है, तो आपमें आयरन की कमी है। जब आपके शरीर में आयरन की कमी होने लगती है तो त्वचा गुलाबी से बेजान होने लगी है। इसके लिए आप अपनी पलकों के नीचे की त्वचा, मसूड़ों, होठ और नाखूनों की भी जांच कर सकते हैं। अगर ये गुलाबी की जगह सफेद या पीले दिख रहे हैं तो ये आयरन की कमी का लक्षण है।

3. सांस में तकलीफ

ये लक्षण आसानी से पकड़ में आ जाता है। जब आप सीड़ी चढ़ते हैं या मूवमेंट का कुछ काम करते हैं, अगर उस वक्त आप हांफने लगते हैं तो आयरन की कमी का लक्षण हो सकता है।

4. दिल की घबराहट

अगर आपके दिल की धड़कने ज़रूरत से ज़्यादा तेज़ धड़कती हैं, तो ये भी आयरन की कमी का लक्षण है। जब शरीर में आयरन की कमी होती है तो हीमोग्लोबिन की कमी होने की वजह से दिल को ज़रूरत से ज़्यादा मेहनत करनी पड़ती है। हालांकि, ये लक्षण उस वक्त नज़र आता है जब आप काफी समय से इस समस्या से जूझ रहे हों

5. सीधे बैठना मुश्किल हो

अगर आपको रात में या फिर आधी रात को सीधे बैठने में मुश्किल आ रही हो, खासकर लेटे हुए तो इसका मतलब आपको रेस्टलेस लेग सिंड्रोम है। इसमें असुविधाजनक सनसनी को दूर करने के लिए व्यक्ति अपने पैरों को लगातार हिलाता है। इस सिंड्रोम की वजह से सोने में भी तकलीफ होती है।

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