चीन में कोरोना से अब तक 1016 की मौत

चीन को कोरोना वायरस के कहर से छुटकारा नहीं मिल पा रहा है। चीन में अब तक कोरोना से 1016 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। जबकि 42634 लोग इससे संक्रमित बताए जा रहे हैं। चीन के अलावा अब दूसरे देशों में भी कोरोना वायरस से मरने वालों की संख्या सामने आ रही है। हांगकांग और फिलीपींस में भी अब तक एक-एक व्यक्ति की मौत हो चुकी है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के अनुसार, अब तक 24 देशों में 319 मामले सामने आए हैं। उधर चीन में सोमवार को कोरोनवायरस से 100 लोगों के मरने की जानकारी आई है। राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने बीजिंग में लोगों के बीच मौजूद होकर इस वायरस की गंभीरता पर चिंता जाहिर की है। उन्होंने कहा कि ये दूसरा मौका है जब इस तरह के किसी वायरस से देश की जनता को नुकसान हो रहा है। उनकी जानें जा रही हैं। ये बीमारी बढ़ रही है और अब इसने एक महामारी का रूप ले लिया है। रोजाना सैकड़ों लोग इसकी चपेट में आ रहे हैं।

राज्य मीडिया ने बीजिंग में एक अस्पताल में सर्जिकल मास्क पहने हुए शी की तस्वीरें जारी की। जो एनसीपी रोगियों के इलाज के लिए नामित हैं और चिकित्साकर्मियों के साथ बातचीत कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कोरोना के प्रभाव को कम करने के प्रयासों को तेज किया गया है। शी की दूसरी कमान, प्रीमियर ली केकियांग महामारी को रोकने के लिए राष्ट्रीय प्रयासों की देखरेख करने वाले उच्च-स्तरीय समूह का नेतृत्व कर रहे हैं जिसने चीनी नए साल के पहले कुछ हफ्तों में चीनी अर्थव्यवस्था और भारी आत्माओं को भारी नुकसान पहुंचाया है।

हुबेई का केंद्रीय चीनी प्रांत सबसे ज्यादा प्रभावित रहा। इसने 10 फरवरी को एनसीपी के 2,097 मामलों की सूचना दी, जिसमें 103 नई मौतें और 427 बरामद हुए। अधिकारियों ने बताया कि सूबे में कुल संक्रमण संख्या बढ़कर 31,728 हो गई, जिसमें 974 मृत और 2,222 लोग बरामद हुए। स्वास्थ्य अधिकारियों ने कहा कि इस कोरोना वायरस से वुहान और हुबेई प्रांत में लोगों का घरों से निकलना और बाहर जाना तक बंद कर दिया गया है।

डब्ल्यूएचओ ने सोमवार को घोषणा की कि विशेषज्ञों की एक अग्रिम टीम अभी चीन में आई है, इस टीम का नेतृत्व डॉ.ब्रूस आयलवर्ड ने किया, ताकि बड़ी अंतरराष्ट्रीय टीम के लिए जमीनी कार्य किया जा सके। ब्रूस और उनके सहयोगी अपने चीनी समकक्षों के साथ काम करेंगे ताकि सुनिश्चित हो सके कि सही सवालों के जवाब देने के लिए हमारे पास टीम की सही विशेषज्ञता है। डब्ल्यूएचओ प्रमुख, टेड्रोस एडनॉम घेब्येयियस ने जिनेवा में एक संवाददाता सम्मेलन में ये बातें भी बताई।

उनका कहना है कि अभी ये बीमारी महामारी नहीं बनी है मगर यदि ऐसे ही इनकी संख्या बढ़ती रही तो ये एक महामारी का रूप ले लेगी। इस वजह से अभी से इस पर नियंत्रण कर लेना अधिक जरूरी है। इसके लिए सारे उपाय कर लिए जाने चाहिए। अभी तक दुनिया भर में 168 प्रयोगशालाओं की पहचान कर ली गई है, वहां पर इस वायरस के टीके की खोज की जा रही है। डब्ल्यूएचओ ने कैमरून, कोटे डी आइवर, डीआरसी, मिस्र, इथियोपिया, गैबॉन, घाना, ईरान, केन्या, मोरक्को, नाइजीरिया, ट्यूनीशिया, युगांडा और जाम्बिया को किट भेजे हैं।

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