भारतीय क्रिकेट टीम को न्यूजीलैंड में खेली गई दो मैचों की टेस्ट सीरीज में खराब बल्लेबाजी की वजह से शर्मनाक हार मिली। क्राइस्टचर्च टेस्ट में महज तीन दिन के भीतर भारतीय टीम ने घुटने टेक दिए और न्यूजीलैंड ने 7 विकेट से मैच अपने नाम किया। न्यूजीलैंड ने पहला टेस्ट 10 विकेट से जीता था और दूसरे मुकाबले में हराकर भारत का क्लीन स्वीप कर डाला।
दूसरे टेस्ट मैच में भारतीय टीम के बल्लेबाज पहली पारी में 242 जबकि दूसरी पारी में महज 124 रन ही बना पाए। टीम इंडिया के सभी बल्लेबाज नाकाम साबित हुए और सीरीज में भारतीय बल्लेबाज द्वारा बनाया गया सबसे बड़ा स्कोर 58 रन का रहा। मैच खत्म होने के बाद भारतीय कप्तान विराट कोहली ने मीडिया से बात की और उनके सभी सवालों का जवाब दिया। कोहली ने चेतेश्वर पुजारा और अजिंक्य रहाणे के नाकाम रहने पर अपनी बात कहते हुए उनका बचाव किया।
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कोहली ने कहा, “एक बल्लेबाजी यूनिट के तौर पर हम साथ मिलकर प्रदर्शन नहीं कर पाए। हम सभी मिलकर इस बात की जिम्मेदारी लेते हैं। सबसे पहले जिंक्स (अजिंक्य रहाणे) एक ऐसे बल्लेबाज हैं जो टेस्ट में हमारे लिए बेहद मजबूत साबित हुए हैं। मैं औसत और नंबर को नहीं देखता हूं। सबकुछ आपके किए गए से छाप छोड़ने की होती है। सवाल है कि क्या उन्होंने टीम के लिए छाप छोड़ने वाला प्रदर्शन करने में कामयाबी हासिल की तो जवाब होगा हां। जब कभी भी हमें उनसे अच्छे प्रदर्शन की जरूरत होती है ज्यादातर मौकों पर उन्होंने ऐसा किया है।”
“आपको इस बात का भी ध्यान रखना होगा कि टीम में कितने खिलाड़ी हैं जिनका औसत टेस्ट क्रिकेट में 43, 42 और 44 का है। अगर आपके पास एक मजबूत मध्यम क्रम है तो तय करना होता है कि वो सभी खिलाड़ी ज्यादा मुकाबलों में एक साथ खेलें। कुछ मैच यहां खेला और कुछ वहां खेला आप चीजों को सही तरीके से अमल में नहीं लाएंगे तो इसका मतलब नहीं हो जाता कि खिलाड़ी बुरा है।”
आगे कोहली ने कहा, “जहां तक मेरी बात है तो जिंक्स एक बेहद ही मजबूत खिलाड़ी हैं। जब टीम मुश्किल में रही है तो उन्होंने काफी मौकों पर सामने आकर अच्छा किया है। इसमें उनके साथ कोई भी परेशानी नहीं है।”
