प्रवर्तन निदेशालय ने रविवार तड़के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में यस बैंक के को-फाउंडर राणा कपूर को गिरफ्तार कर लिया।

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने यस बैंक (Yes Bank) के संस्थापक राणा कपूर को रविवार तड़के मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में गिरफ्तार कर लिया है। ईडी के अधिकारियों ने लंबी पूछताछ के बाद उन्हें देर रात 3 बजे गिरफ्तार किया। जानकारी के मुताबिक राणा कपूर पूछताछ में सहयोग नहीं कर रहे थे।

20 घंटे तक चली पूछताछ के बाद कपूर को ईडी ने बॉल एजेंसी कार्यालय में गिरफ्तारी किया गया। इससे पहले प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शुक्रवार को बैंक के संस्थापक राणा कपूर के खिलाफ मनी लांड्रिंग का मामला दर्ज कर उनके मुंबई स्थित आवास पर छापेमारी की। उनके खिलाफ लुकआउट सर्कुलर (एलओसी) भी जारी कर दिया गया है, ताकि वह देश छोड़कर नहीं जा सकें।

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Mumbai: Enforcement Directorate (ED) arrests founder . Visuals from ED office where he was being questioned.

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माना जा रहा है कि मामले में वित्त मंत्रालय की सक्रियता की वजह से यस बैंक का संकट एक महीने से पहले खत्म हो सकता है। यस बैंक में 49 फीसद हिस्सेदारी खरीदने का फैसला कर चुके भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआइ) के प्रमुख रजनीश कुमार ने शनिवार को कहा कि यस बैंक में अधिकतम 10,000 करोड़ रुपये तक का निवेश किया जा सकता है। सूत्रों के मुताबिक यस बैंक को संभालने में सरकारी बीमा कंपनी एलआइसी की भी मदद ली जा सकती है।

बता दें कि पहले प्रमोटरों की लड़ाई और उसके बाद गहरे वित्तीय संकट से जूझ रहे निजी क्षेत्र के यस बैंक पर भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआइ) ने गुरुवार को एक महीने के लिए प्रतिबंध लगा दिया था। आरबीआइ ने यस बैंक की लगातार खराब होती वित्तीय स्थिति को देखते हुए यह प्रतिबंध गुरुवार रात आठ बजे से 30 दिनों तक के लिए लगाया है। इस बीच इसके नए प्रबंधन की व्यवस्था होगी।

गौरतलब है कि यस बैंक के मौजूदा निदेशक बोर्ड को भी 30 दिनों के लिए निरस्त कर दिया गया और भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआइ) के पूर्व सीएफओ प्रशांत कुमार को प्रशासक नियुक्त किया गया है। इस एक महीने में बैंक का कोई भी खाताधारक 50 हजार रुपये से ज्यादा राशि नहीं निकाल सकेगा। विशेष परिस्थितियों में अतिरिक्त 50,000 रुपये निकासी की इजाजत दी गई है।

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