बस अब रहम करो, 2021 में वैक्सीन की दोनों डोज लगवाने के बाद सोचा था कि अब झंझट खत्म लेकिन वाह रे मौत के पर्यायवाची बने आपके प्राणनाथ!

आदरणीय श्रीमती कोरोना जी! आपको दूर से ही प्रणाम। दूसरों की पत्नियों को पत्र लिखना मेरे जैसे संस्कारित व्यक्ति के स्वभाव में नहीं है, परंतु आपके पति की करतूतें देखकर, संसार के हित में मुझे यह कार्य करना पड़ रहा है। दांपत्य जीवन का इतिहास साक्षी है कि संसार का प्रत्येक प्राणी अपनी पत्नी से … Continue reading बस अब रहम करो, 2021 में वैक्सीन की दोनों डोज लगवाने के बाद सोचा था कि अब झंझट खत्म लेकिन वाह रे मौत के पर्यायवाची बने आपके प्राणनाथ!