लॉक डाउन में भूख से चार बंदरों की मौत

फरीदाबाद :  लॉक डाउन में फरीदाबाद रेलवे स्टेशन पर भूख के चलते चार बंदरों की मौत की खबर सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद फरीदाबाद के समाजसेवी जयराज  बजाज और जसवंत सैनी मदद के लिए आगे आए हैं दोनों समाजसेवियों ने प्रण लिया है कि जब तक फरीदाबाद शहर में लॉक डाउन रहेगा तब तक वह किसी भी बंदर को भूखा नहीं रहने देंगे। जिसकी शुरुआत आज से ही कर दी गई है फरीदाबाद रेलवे स्टेशन पर सैकड़ों बंदरों को भरपेट किले खिलाए गए इसके अलावा 4 नंबर आयकर विभाग दफ्तर के आसपास और अरावली क्षेत्र पर भी रहने वाले बंदरों को भरपेट केले खिलाए। भूखे बंदरों को केले खिलाकर पुण्य का काम कर रहे समाजसेवियों के साथ रेलवे स्टेशन पर तैनात पुलिसकर्मी भी नजर आए और उन्होंने भी अपने हाथों से बंदरों को केले खिलाएं।

युवा आगाज़ संगठन के संयोजक एवं समाजसेवी जसवंत पंवार ने अबतब न्यूज पोर्टल टीम को बताया कि उन्हें सोशल मीडिया के जरिए मालूम हुआ था कि चार बंदरों की भूख के चलते मौत हो गई है जिस पर उन्होंने प्रण लिया कि वह रोजाना बंदरों को खाने पीने की चीजें देंगे जिससे कि शहर में एक भी बंदर भूख से ना मर सके।  वहीं उन्होंने उनका साथ दे रहे समाजसेवी जयराज बजाज का भी बार-बार धन्यवाद किया क्योंकि समाजसेवी जयराज बजाज ने भी प्रण लिया है कि वह शहर के बंदरों को रोजाना 10 दर्जन केले और 1 किलो चना तब तक खिलाएंगे जब तक शहर से लॉक डाउन खत्म नहीं हो जाता। जयराज बजाज घर से ही बंदरों के खाने-पीने का इंतजाम करेंगे वह लॉक डाउन के चलते घर से बाहर नहीं आएंगे। बंदरों के लिए खाने पीने का सामान सिर्फ एक ही वक़्त नहीं सुबह-शाम दोनों वक्त दिया जाएगा ताकि उन्हें भूख के चलते इधर-उधर तड़पना ना पड़े।

अमर उजाला के पत्रकार कैलाश गठवाल और उनका भाई पंजाब केसरी के फोटो जर्नलिस्ट संदीप गठवाल विगत 10 सालों से नियमित रूप से बंदरों को केला और अन्य फल खिलाते आ रहें हैं। फरीदाबाद रेलवे स्टेशन पर तैनात सब इंस्पेक्टर श्याम सुंदर ने बताया कि लॉक डाउन से पहले रेलवे स्टेशन पर आने वाले यात्री बंदरों को खाने पीने का सामान दे देते थे, जिसके चलते उनका पेट भर जाता था मगर लॉक डाउन के बाद पिछले पांच-छह दिन से बंदरों को कोई भी खाने पीने की चीज नहीं मिल रही है जिसके चलते बंदर भूखे हैं वह ऐसे समाजसेवियों का धन्यवाद करना चाहते हैं जो वेजुबानो के लिए आगे आ रहे हैं ।

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