स्वामी विवेकानंद के जीवन पर रचित 100 साहित्य पुस्तकें भेंट की : एबीवीपी

पलवल : सम्पूर्ण विश्व में भारतीय संस्कृति को गोरवान्वित करने वाले एवं युवाओं के प्रेरणास्त्रोत स्वामी विवेकानंद जी की 157वें जन्म जयंती के उपलक्ष्य में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद फरीदाबाद विवेकानंद युवा संवाद के तहत बल्लभगढ़ सैक्टर 2 राज्कीय महिला महाविद्यालय में युवा दिवस मनाया। और प्रिति नागर ने छात्राओं को विवेकानंद के जीवन संघर्ष के बारे में बताया स्वामी जी विचार हर युवा वर्ग तक पहुँच सके देश के प्रति अपनी भागीदारी को समझ सके विश्व-नायक, दिव्य-तेजस्वी कर्म-गुरु, सर्वमान्य शांतिदूत, धर्म तथा मानवता के ध्वजवाहक स्वामी विवेकानंद जी को हम सब पढ़ें, स्वधर्म सीखें और उन्हें प्रणाम करें।

विवेक और आनंद की समस्त सीमायें लांघ कर खुद अपनी इन्द्रियों का स्वामी हो जाना ही स्वामी विवेकानंद होना है। और स्वामी विवेकानंद जी के जीवन पर रचित 100 साहित्य पुस्तक भेंट की कंचन डागर ने छात्राओं को बताया की युवा भाई बहनो के लिए एक छोटा सा संदेश हमारे देश का युवा पूरे विश्व में सबसे ज्यादा ऊर्जावान है, और उस शक्ति को हम सभी नौजवानों को अपने राष्ट्र के निर्माण के लिए एक सकारात्मक वातावरण बनाने के लिए अपने जीवन का लक्ष्य बनाये।

आज जो हम अलग-अलग विचारधाराओं के युबाओ को सुनते है, देखते है, ये सभी अपनी संस्कृति को नही समझना चाहते, ये उनकी कमी है। हमारे देश के युवाओं ने राष्ट्र निर्माण के लिए बहुत कुछ दिया है। जैसे स्वामी विवेकानन्द जी, के लक्ष्य को हम सभी को समझना होगा। इस अवसर पर दीपाली, गायत्री राठोड़, कनिका शर्मा, माधवी, लक्ष्मी, आदि अनेक कार्यकर्ता, छात्राएं रहीं उपस्थित।

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