जानिए वजह, रणदीप सुरजेवाला को धमकी देने वाले युवक को पुलिस ने पकड़कर वापस छोड़ा

कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं हरियाणा के पूर्व मंत्री रणदीप सिंह सुरजेवाला और उनके चचेरे भाई सुदीप सुरजेवाला को फोन कर जान से मारने की धमकी देने के मामले में क्राइम ब्रांच ने आरोपित कैथल निवासी अग्रिम को पूछताछ के बाद छोड़ दिया। आपको बता दें कि सुरजेवाला को एक अप्रैल को एक फोन आया था, जिसमें उसने जान से मारने की धमकी दी थी।

 

पुलिस को ऑनलाइन शिकायत में रणदीप सिंह सुरजेवाला ने बताया था कि उनके सेक्टर-6 पंचकूला स्थित आवास पर लैंडलाइन फोन पर एक अप्रैल को एक मोबाइल से कॉल आया था। सुबह 9.50 बजे कॉल आई, तो उस वक्त सुरजेवाला वीडियो कान्फ्रेंसिंग में व्यस्त थे। फोन उनके चचेरे भाई सुदीप सुरजेवाला ने उठाया। फोन करने वाले ने खुद को मुख्तार अंसारी, राजा भैय्या और पप्पू यादव के गिरोह का सदस्य बताया और कहा कि वह उत्तर प्रदेश का गैंगस्टर है।

 

उसने सुदीप सुरजेवाला और रणदीप सुरजेवाला को जान से मारने की धमकी दी और कहा कि उसे पंचकूला में उनकी लोकेशन के बारे में पता है। सुदीप और रणदीप की मूवमेंट, वाहन व रिहायशी पते की पूरी जानकारी है और वह दोनों को गोली मार देगा। इसके बाद लगभग 10.15 बजे फिर से कॉल आई और धमकी दी।

सूत्रों के अनुसार रणदीप सुरजेवाला ने उसी दिन पुलिस के ऑनलाइन पोर्टल पर शिकायत दर्ज करवा दी थी, पुलिस के पास जैसे ही ऑनलाइन शिकायत पहुंची, तो पुलिस ने धारा 506 के तहत केस दर्ज कर लिया।

 

मामले की जांच के दौरान क्राइम ब्रांच ने मोबाइल नंबर ट्रेस किया, तो वह कैथल का निकला। पुलिस ने कैथल के अग्रिम (36) नामक व्यक्ति को हिरासत में लेकर पूछताछ के बाद छोड़ दिया है। अग्रिम सुरजेवाला की कैथल स्थित कोठी के पास ही रहता है। क्राइम ब्रांच सेक्टर-19 प्रभारी कर्मवीर सिंह ने बताया कि वह दिमागी तौर पर परेशान था।

 

पूछताछ में किसी भी तरह से गैंगस्टर होने की बात सामने नहीं आई। वह एमबीए टॉपर है और प्राइवेट नौकरी करता था। तीन महीने पहले नौकरी छोड़ चुका है। पूछताछ में उसने माना कि उसने फोन तो किया था, लेकिन जिन लोगों का नाम सुरजेवाला की ओर से दिया गया, उनके साथ उसका कोई संबंध नहीं है और न उसने कोई ऐसी बात कही। फिलहाल उसे पूछताछ करके वापस भेज दिया गया है।

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