समाचार पत्रों  एवं मीडिया से मिलती है  विश्वसनीय खबरें  : रीतिक वधवा

अपने निवास स्थान पर समाचार पत्र पढ़ते हुए भाजपा नेता रीतिक वधवा ने कहा कि समाचार पत्रों से कोरोना नहीं फैलता बल्कि समाचार पत्रों के माध्यम से  विश्वसनीय खबर मिलती है समाचार पत्र अत्यंत  स्वच्छ वातावरण में पूरी सावधानी से प्रकाशित कर घरों तक पहुंचाने के लिए सभी चरणों में स्वच्छता का ध्यान रखा जाता है कोरोना को जागरूकता से ही खत्म किया जा सकता है ! भाजपा नेता रीतिक वधवा  ने लोगों से कहा कि वे कोरोना वायरस से बचाव के लिए सरकार द्वारा घोषित लोकडाउन को सफल बनाने के लिए प्रशासन व पुलिस द्वारा जारी हिदायतों का कडाई से पालन अपने स्तर पर करे ताकि कोरोना वायरस के खिलाफ लडी जा रही लडाई हम जीत सके।

भाजपा नेता रीतिक वधवा  ने कहा कि चिकित्सकों, विशेषज्ञों की राय है कि कोरोना वायरस का बचाव सबसे उपयुक्त ईलाज घरों में रहना और कम से कम लोगों के सम्पर्क में आना हैं ऐसी स्थिति में हम नागरिकों की जिम्मेदारी बनती है कि विशेषज्ञों की राय का कडाई से पालन करे। रीतिक वधवा  ने  आमजनों से अपील की कि वे प्रधानमंत्री मोदीजी द्वारा घोषित 21 दिन के देशव्यापी लोकडाउन को सफल बनाकर कोरोना को हराने में अपना योगदान दे। रीतिक वधवा ने कहा कि 21 दिनों के लोकडाउन में कुछ लोगों को कठिनाईयों का सामना करना पड़ेगा, लेकिन कोरोना को हराने के लिए यह जरूरी है कि इस संकट की घड़ी में धैर्य रखे। प्रशासन लोगों को आश्वस्त कर रहा है कि राशन, पानी, सब्जी व आवश्यक वस्तुए उनके मौहल्लों तक पहुंचेगी। लोगों को सरकार के आश्वासन पर विश्वास करना चाहिए व राशन की आवश्यक होर्डिंग से बचना चाहिए। इस संकट की घड़ी में प्रशासन, पुलिस व सुरक्षाकर्मियों को हरसंभव सहयोग दे।रीतिक वधवा ने लोगों से आग्रह किया कि वे  पुलिस, प्रशासन व सुरक्षाकर्मियों की हिदायतों को सहजता से स्वीकारे।

यदि आममजन प्रशासन, पुलिस को पूर्ण सहयोग नही देगा तो कानून व्यवस्था को काबू रखने में ही प्रशासन उलझकर रह जायेगा व नागरिकों को इस संकट की घड़ी में अपेक्षित आवश्यक सहायता नही पहुंचा पायेगा। रीतिक वधवा ने कहा कि लोगों को आवश्यक सुविधाएं, राशन-पानी, सब्जी आदि लोगों तक घरों में तभी पहुंचा पायेगा जब वे अन्य बातों में उलझे नही और ज्यादा से ज्यादा लोगों के पास आवश्यक वस्तुएं पहुंचा सके। इस संकट के समय में धैर्य रखने व सरकार, प्रशासन, पुलिस के आश्वासनों, हिदायतों को मानने के अलावा अन्य कोई विकल्प भी नही है।

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