पूर्व सैनिकों व उनकी विधवाओं को मिलेगा फायदा Haryana के साढ़े तीन लाख से अधिक

चंडीगढ़: केंद्र सरकार की संशोधित ‘वन रैंक-वन पेंशन’ योजना का लाभा हरियाणा के साढ़े तीन लाख से अधिक पूर्व सैनिकों व उनकी विधवाओं को मिलेगा। हरियाणा से हर दसवां व्यक्ति सेना में अपनी सेवाएं दे रहा है। झज्जर, भिवानी, रेवाड़ी, रोहतक, गुरुग्राम, पलवल और नूंह जिले ऐसे हैं, जहां सबसे अधिक पूर्व सैनिक हैं।
तीन लाख 55 हजार 29 पूर्व सैनिक और विधवाएं लाभ के दायरे में
हरियाणा में दो लाख 75 हजार 416 पूर्व सैनिक हैं, जबकि विधवाओं की संख्या 79 हजार 613 हैं। यानि तीन लाख 55 हजार 29 पूर्व सैनिक और उनकी विधवाएं वन रैंक-वन पेंशन योजना के संशोधित लाभ के दायरे में आ रहे हैं। केंद्र सरकार ने कैबिनेट की बैठक में वन रैंक वन पेंशन (ओआरओपी) योजना के रिवीजन को मंजूरी दी है। इससे देश में करीब 25 लाख पेंशनर्स को फायदा होगा। संशोधित ओआरओपी से युद्ध विधवाओं और विकलांग पेंशनभोगियों सहित पारिवारिक पेंशनरों को भी लाभ मिलना है। वन रैंक वन पेंशन योजना का उद्देश्य समान सेवा अवधि के साथ समान रैंक पर सेवानिवृत्त होने वाले सशस्त्र बलों के कर्मियों के लिए पेंशन को एक जैसा करना है। ओआरओपी संशोधन एक जुलाई, 2019 से लागू किया गया है। 30 जून, 2019 तक सेवानिवृत्त सशस्त्र बल कर्मियों को इसमें कवर किया जाएगा। जुलाई 2019 से जून 2022 तक एरियर के रूप में राशि मिलेगी।
ऐसे समझिए वन रैंक-वन पेंशन को
वन रैंक-वन पेंशन योजना का मतलब यह है कि अलग-अलग समय पर रिटायर हुए एक ही रैंक के दो फौजियों की पेंशन राशि में बड़ा अंतर न रहे। 2006 से पहले रिटायर हुए सैन्य कर्मियों को कम पेंशन प्राप्त हो रही थी। यहां तक अपने से कम रैंक वाले अफसर से भी कम। यह अंतर इतना अधिक हो गया था कि पहले से रिटायर अफसरों की पेंशन बाद में रिटायर हुए छोटे अफसरों से कम हो गई। इस अंतर को ऐसे समझा जा सकता है कि 2006 से पहले रिटायर हुए मेजर जनरल की पेंशन 30300 रुपये है, जबकि योजना लागू होने से पहले तक कोई कर्नल रिटायर होगा तो उसे 34000 रुपए पेंशन प्राप्त होगी। मेजर जनरल एक कर्नल से दो रैंक ऊपर का अधिकारी होता है। एक रैंक लेकिन असमान पेंशन का ये मामला केवल फौजी अधिकारियों तक ही सीमित नहीं था, बल्कि सिपाही, नायक और हवलदार रैंक के फौजी भी इसके शिकार रहे थे। अब नई योजना से पूर्व सैन्य कर्मियों को राहत मिल रही है।
जिलों में पूर्व सैनिकाें की संख्या
- जिला – पूर्व सैनिक – सैन्य विधवाएं – कुल
- अंबाला 14479 4183 18662
- भिवानी 32829 11058 43887
- फरीदाबाद 5173 973 6146
- फतेहाबाद 3262 2138 5401
- गुरुग्राम-मेवात 31084 5176 36260
- हिसार 11596 5192 16788
- झज्जर 34353 12810 47163
- जींद 10300 2638 12938
- कैथल 439 1314 1753
- करनाल 6574 1776 8350
- कुरुक्षेत्र 5435 1350 6785
- नारनौल 19915 6070 25985
- पंचकूला 10198 1645 11843
- पानीपत 7014 1556 8570
- पलवल 6777 1197 7974
- रेवाड़ी 26169 5174 31343
- रोहतक 18853 5108 23961
- सिरसा 5236 2316 7552
- सोनीपत 18230 5790 24020
- यमुनानगर 7499 2149 9648
- कुल – 2,75,416 79,613 3,55,029
NEWS SOURCE : jagran