क्या फिर लगेगा लॉकडाउन? 14 दिनों तक निगरानी के निर्देश, इन देशों में हाई अलर्ट जारी!

Will another lockdown be imposed? Instructions issued for 14 days of monitoring, high alert declared in these countries!

Will another lockdown be imposed? Instructions issued for 14 days of monitoring, high alert declared in these countries!
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Nipah Virus High Alert: भारत से शुरू हुआ यह जानलेवा निपाह वायरस अब पूरे विश्व में अपना कहर दिखाए उससे पहले सभी देशों की सरकारें सतर्क हो गई हैं। आखिर यह वायरस इतना खतरनाक है कि इससे बचना ही इसका सबसे बड़ा उपाय माना जाता है। हाल ही में चीन की एक दवा को लेकर यह दावा किया गया था कि इससे निपाह संक्रमण को रोका जा सकता है। भारत में इस वायरस के तहलके को देखते हुए पड़ोसी देशों के साथ पूरे एशिया में स्क्रीनिंग के साथ सतर्कता शुरू कर दी गई है। आइए जानते हैं कि यह हकीकत है या सिर्फ वहम? भारत के अलावा किन देशों में हाई अलर्ट जारी हुआ है और इस मौत के वायरस की सबसे पहले शुरुआत कहां से हुई थी?

किन देशों में हुआ हाई अलर्ट जारी?(Nipah Virus Outbreak)

निपाह संक्रमण के फैलने की शुरुआत दक्षिणी भारत से हुई थी जहां सबसे पहले 2 नर्सों को इसके संक्रमण से ग्रसित पाया गया था। इसके बाद कई लोगों को क्वारंटाइन किया था क्योंकि यह वायरस कोरोना की तरह फैलता है। भारत के बाद एशिया के हवाईअड्डों पर स्क्रीनिंग शुरू हुई थी। वहीं अब बांग्लादेश, वियतनाम, मलेशिया, सिंगापुर और थाईलैंड में भी इस खतरनाक वायरस के खिलाफ सतर्कता के लिए अलर्ट जारी हुआ है। लोगों के मन में कई सवाल अब भी घर करे बैठे हैं कि क्या कोरोना की तरह सब कुछ बंद हो जाएगा? इसका जवाब आप खुद ढूंढ सकते हैं इस वायरस की खतरनाकता को देखते हुए। लेकिन अगर पूरी सावधानी बरती जाए तो इसके खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है। वियतनाम के कैन थो शहर के स्वास्थ्य विभाग ने हाल ही में ‘क्विक रिस्पांस टीम’ का गठन किया है और बॉर्डर पर संदिग्ध मरीजों की 14 दिनों तक निगरानी के निर्देश दिए हैं।

मौत के वायरस की शुरुआत कहां से हुई?(Nipah Virus High Alert)

इस जानलेवा का सबसे पहला मामला 1998-1999 में मलेशिया में सामने आया था। मलेशिया के ‘सुंगई निपाह’ (Sungai Nipah) नामक गांव में सबसे पहले इसके मरीज मिले थे, इसी कारण से इस वायरस का नाम निपाह पड़ा था। शुरुआत में यह वायरस सुअरों (Pigs) के जरिए इंसानों में पहुंचा था, लेकिन बाद में वैज्ञानिकों ने पाया कि ‘फ्रूट बैट्स’ (फल खाने वाले चमगादड़) से इंसानों तक पहुंचने वाला बताया।

वहम या हकीकत? क्या यह वायरस बड़ा खतरा?(Nipah Virus Transmission)

इस वायरस की खतरनाक सच्चाई कोई वहम नहीं है बल्कि यह बेहद जानलेवा वायरस है, यह इसकी सच्चाई है। इसकी मृत्यु दर 75% है जो सीधे तौर पर इसके खतरे को साबित करती है। यह वायरस सीधा दिमाग में सूजन उत्पन्न करता है और यह वजह है कि मरीज सीधा कोमा में चला जाता है। इससे भी बड़ी बात यह है कि यह वायरस कोरोना की भांति एक दूसरे में फैलता है।

डिसक्लेमर: इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह किसी क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प नहीं है। इसलिए पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।

NEWS SOURCE Credit :patrika

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