
हरियाणा में राशन वितरण प्रणाली को पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के लिए खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने बड़ा कदम उठाया है। प्रदेशभर के 9,194 राशन डिपो पर दो-दो सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे, जिससे स्टॉक और वितरण प्रक्रिया पर सीधे नजर रखी जा सकेगी। विभाग के अनुसार, प्रत्येक डिपो पर एक कैमरा राशन वितरण स्थल पर और दूसरा गोदाम में लगाया जाएगा। इन कैमरों के जरिए उच्च अधिकारी मुख्यालय से ही पूरे सिस्टम की निगरानी कर सकेंगे। इस परियोजना पर लगभग 150 से 200 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। इस योजना को लागू करने से पहले पंचकूला के एक डिपो पर 45 दिनों तक सीसीटीवी कैमरों का ट्रायल किया गया था। ट्रायल की सकारात्मक रिपोर्ट मिलने के बाद अब इसे पूरे प्रदेश में लागू करने का निर्णय लिया गया है।
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विभाग अप्रैल माह में इस योजना के लिए टेंडर जारी करेगा। लक्ष्य है कि अगले तीन महीनों के भीतर सभी डिपो पर कैमरे लगाने का काम पूरा कर लिया जाए। वर्तमान में हरियाणा में 39 लाख 88 हजार 155 राशन कार्डों के माध्यम से 1 करोड़ 56 लाख 12 हजार 157 लोगों को सरकारी राशन वितरित किया जा रहा है। सीसीटीवी कैमरों के लगने से वितरण प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ेगी और गड़बड़ियों पर अंकुश लगेगा। राज्य मंत्री राजेश नागर ने बताया कि योजना पर तेजी से काम चल रहा है। उन्होंने कहा कि टेंडर प्रक्रिया जल्द पूरी कर ली जाएगी और अगले तीन महीनों में सभी डिपो को सीसीटीवी कैमरों से लैस कर दिया जाएगा। सरकार की इस पहल से राशन वितरण में पारदर्शिता बढ़ने के साथ ही भ्रष्टाचार और अनियमितताओं पर रोक लगाने में मदद मिलेगी, जिससे आम जनता को सीधा लाभ मिलेगा।
NEWS SOURCE Credit :punjabkesari
