
एकमात्र विश्व विजेता ,भारत की आन बान शान सम्राट अशोक मौर्य महान की जयंती को राष्ट्रीय पर्व के रूप में मनाए जाने को लेकर मांग करते हुए ,डॉ आशीष मौर्य राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं प्रदेश अध्यक्ष हरियाणा राष्ट्र रक्षा संघ ने कहा,, अनेकता में एकता भारत की विशेषता, मानवता, एकता व अखंडता, धर्म व उपासना की स्वतंत्रता,पंथ निरपेक्ष,धर्मनिरपेक्ष समतामूलक समाज, लोकतांत्रिक गणराज्य, जो वर्तमान संविधान का सारांश है की रूपरेखा आज से ढाई हजार साल अपने शिलालेखों के माध्यम से आम जनमानस के सामने देने वाले विश्व विजेता सम्राट अशोक की जयंती को राष्ट्रीय पर्व के रूप में मनाए जाने की मांग को लेकर राष्ट्र रक्षा संघ ने सरकार से अपील की है विश्व के महानतम एवं दार्शनिक महान योद्धा विश्व के सबसे रहस्यमई शासक, उच्च नैतिकता का पालन करने वाले इस महान हस्ती का जीवन परिचय जानने के लिए समस्त विश्व अतुर है
महान मौर्य सम्राट अशोक मौर्य वंश का तीसरे सम्राट थे, जिसे अशोक वर्धन, प्रियदर्शी ,देवमप्रिय धमअशोक आदि उपाधियों से विभूषित किया गया है, इनका जन्म मौर्य (खत्तीय) क्षत्रिय वंश में हुआ था , 304 ईसा पूर्व चैत मास के देव पक्ष अष्टमी को हुआ जिसे अशोका अष्टमी के नाम से भी जाना जाता है,, जो इस बार 9 अप्रैल 2022 है
डॉ आशीष मौर्य ने जानकारी देते हुए बताया देश ही नहीं अपितु पूरा विश्व सम्राट अशोक के शासनकाल या युद्ध कौशल के सामने दूसरा कोई सम्राट नहीं पैदा हुआ, जिन के शासनकाल में भारत सोने की चिड़िया, विश्व गुरु, विश्व विजेता होने के साथ-साथ वर्तमान में भारत की आन बान शान भारत का राज्य चिन्ह, राष्ट्रीय ध्वज, आज भी उनकी गौरव गाथा को बता रहा है सरकार से अपील है ऐसे महानतम सम्राट की जयंती को राष्ट्रीय पर्व का दर्जा देते हुए पूरे भारत देश में मनाए,

