Close Menu
  • होम
  • देश-विदेश
  • हरियाणा
  • दिल्ली
  • फरीदाबाद
  • वायरल
  • जॉब अलर्ट
  • सेहत
  • क्राईम
  • मनोरंजन
  • संपर्क करें
Facebook WhatsApp
Facebook WhatsApp
Faridabad News24
  • होम
  • देश-विदेश
  • हरियाणा
  • दिल्ली
  • फरीदाबाद
  • वायरल
  • जॉब अलर्ट
  • सेहत
  • क्राईम
  • मनोरंजन
  • संपर्क करें
Facebook WhatsApp
Faridabad News24
  • होम
  • देश-विदेश
  • हरियाणा
  • दिल्ली
  • फरीदाबाद
  • वायरल
  • जॉब अलर्ट
  • सेहत
  • क्राईम
  • मनोरंजन
  • संपर्क करें
Home » उद्धव ठाकरे और एकनाथ शिंदे गुट की राजनीतिक लड़ाई और अधिक गहराई, शिवसेना किसकी?

उद्धव ठाकरे और एकनाथ शिंदे गुट की राजनीतिक लड़ाई और अधिक गहराई, शिवसेना किसकी?

faridabadnews24By faridabadnews24June 26, 2022No Comments2 Mins Read
IMAGES SOURCE : GOOGLE

महाराष्ट्र में शिवसेना पर नियंत्रण पाने की राजनीतिक लड़ाई और अधिक गहरा गई है। शिवसेना की राष्ट्रीय कार्यकारिणी ने शनिवार को प्रस्ताव पारित किया कि कोई भी अन्य राजनीतिक संगठन उसके नाम या उसके संस्थापक दिवंगत बाल ठाकरे के नाम का इस्तेमाल नहीं कर सकता है। असंतुष्ट विधायक एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में बागी विधायकों की ओर से अपने समूह का नाम शिवसेना बालासाहेब रखने के बाद यह प्रस्ताव पास हुआ।

 

 

शिवसेना की राष्ट्रीय कार्यकारिणी ने प्रस्ताव के जरिए महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री और पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे को पार्टी से विश्वासघात करने वालों के खिलाफ कार्रवाई के लिए अधिकृत भी किया, लेकिन बागी नेता एकनाथ शिंदे के खिलाफ तत्काल कार्रवाई करने से परहेज किया। पार्टी सांसद संजय राउत ने कहा, “कार्यकारिणी ने फैसला किया कि शिवसेना बाल ठाकरे की है और हिंदुत्व व मराठी गौरव की उनकी उग्र विचारधारा को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। शिवसेना इस रास्ते से कभी नहीं हटेगी।”

 

 

राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में मौजूद थे 245 लोग
शिवसेना की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक आमतौर पर हर पांच साल में होती है, अगली बैठक 2023 के लिए निर्धारित है। शुक्रवार को पार्टी अध्यक्ष उद्धव ठाकरे ने शिंदे के विद्रोह के बाद आपातकालीन बैठक बुलाई थी। शिंदे ने पार्टी को किस हद तक नुकसान पहुंचाया है, यह शनिवार की बैठक में शामिल हुए लोगों की घटती संख्या से स्पष्ट है। 2018 में पिछली कार्यकारी बैठक में 282 पदाधिकारियों ने भाग लिया था। शनिवार को सिर्फ 245 लोग ही मौजूद थे।

‘बालासाहेब का नाम नहीं कर सकते इस्तेमाल’
प्रस्ताव में कहा गया कि बालासाहेब (ठाकरे) और शिवसेना एक ही सिक्के के दो पहलू हैं। शिवसेना को छोड़कर कोई भी उनके नाम का इस्तेमाल नहीं कर सकता। कार्यकारिणी ने यह भी संकल्प लिया कि पार्टी आने वाले सभी स्थानीय निकाय चुनाव लड़ेगी और जीतेगी। गौर करने वाली बात यह है कि शिवसेना के दिग्गज और राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य अनंत गीते व रामदास कदम बैठक में मौजूद नहीं थे। अपने विद्रोह से शिवसेना के लिए अस्तित्व का संकट खड़ा करने वाले एकनाथ शिंदे कार्यकारिणी के एक अन्य सदस्य थे, जो बैठक में अनुपस्थित थे।

 

 

NEWS SOURCE : livehindustan

faridabadnews faridabadnews24 The political battle of Uddhav Thackeray and Eknath Shinde faction has more depth whose Shiv Sena?
Follow on Facebook Follow on X (Twitter) Follow on YouTube
Share. Facebook Twitter WhatsApp Email Telegram Copy Link
faridabadnews24

Related Posts

ग्रामीणों ने पकड़ा तो सर्विस पिस्टल से कर दी फायरिंग, महिला से साथ ASI का अवैध संबंध, 1 की मौत 3 घायल

November 4, 2026

टीचर ने WhatsApp ग्रुप में अश्लील वीडियो और फोटो भेजे, गर्ल्स कॉलेज में बड़ा कांड!

November 4, 2026

आखिरी नोट में सामने आई मौ’त की दर्दनाक वजह, बेटे और बेटी के साथ मां ने खत्म कर ली जीवनलीला

October 31, 2026
Leave A Reply Cancel Reply

Facebook X (Twitter) Pinterest Vimeo WhatsApp TikTok Instagram

News

  • देश-विदेश
  • फरीदाबाद
  • हरियाणा
  • कारोबार
  • क्राईम
  • मनोरंजन

Company

  • Information
  • Advertising
  • Classified Ads
  • Contact Info
  • Do Not Sell Data
  • GDPR Policy

Services

  • Subscriptions
  • Customer Support
  • Bulk Packages
  • Newsletters
  • Sponsored News
  • Work With Us

Subscribe to Updates

Get the latest creative news from FooBar about art, design and business.

© 2026 ThemeSphere. Designed by CSe.
  • Contact
  • Privacy Policy
  • Terms and Conditions
  • Disclaimer

Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.