
पति की मौत के डेढ़ महीने बाद महिला को हवस का शिकार बनाया गया। जेठ ने अपने साथियों के साथ मिलकर महिला के साथ दुष्कर्म किया। पीड़िता को घर छोड़ने के लिए मजबूर करने के प्रयास में मारापीटा। जिसके बाद पीड़िता ने थाना का रुख किया। सुनवाई न होने पर कोर्ट की शरण ली। जारी हुए आदेश के बाद वह बुधवार की दोपहर थाना पहुंची। जहां आदेश की कापी दिखाते हुए जेठ व उसके साथियों के विरुद्ध रिपोर्ट लिखाई।
10 अगस्त को हुई थी पति की मौत
एक गांव निवासी महिला ने पुलिस को न्यायालय से जारी हुए आदेश की कापी दिखाते हुए बताया कि उसके पति ने अपनी जमीन एक लाख 30 हजार रुपये में बेंची थी। जिसका पैसा उसकी सास व जेठ के सहखाते में डलवा दिए थे। 10 अगस्त को उसके पति की मौत हो गई थी। जिसके बाद से आरोपित जेठ की नीयत उस पर खराब हो गई थी। जेठ ने उसपर बच्चों व घर छोड़ने का दबाव बनाया। 30 सितंबर को जेठ अपने तीन साथियों के साथ घर में घुस आया। उसके साथ गाली-गलौज शुरू कर दी। विरोध करने पर बेरहमी से पीटा। आरोपितों ने एक राय होकर मुंह में कपड़ा भरकर उसके साथ दुष्कर्म किया। दहशत दिखाते हुए उसके साथ कई बार घिनौनी हरकत की। भय वस वह किसी से कुछ कह न सकी।
मायके वालों को सुनाई आपबीती
तीन अक्टूबर को जब मायके के लोग घर आए तो उन्हें आपबीती सुनाई। जिसके बाद थाना में तहरीर दी। लेकिन अनसुना कर दिया। मजबूरन उसे कोर्ट की शरण लेनी पड़ी। जहां से जारी हुए आदेश के बाद वह कापी लेकर थाना पहुंची है। थाना प्रभारी निरीक्षक भोला प्रसाद रस्तोगी ने बताया कि आरोपित जेठ समेत चार लोगों के विरुद्ध न्यायालय से जारी हुए आदेश के बाद मुकदमा दर्ज किया गया है। विवेचना के बाद हकीकत पता लगेगी।
NEWS SOURCE : jagran
