
तेज गति से चलने की लगातार मिल रही शिकायतों के मद्देनज़र प्रदेश के साढ़ ग्यारह लाख उपभोक्ताओं के पुराने तकनीकी थ्रीजी स्मार्ट मीटर बदले जाएंगे। इसके लिए यूपी पावर कारपोरेशन के प्रबंधन ने प्रदेश में इन स्मार्ट मीटरों को लगाने वाली कंपनी को पत्र लिखकर निर्देश दिए हैं। उनसे कहा गया है कि इन मीटरों को तत्काल बदला जाए।
उ.प्र. पावर कारपोरेशन ने प्रदेश के 11 लाख 54 हजार उपभोक्ताओं के घरों पर लगे पुरानी थ्री-जी तकनीकी के स्मार्ट मीटर को बदलने के लिए एनर्जी एफिशिएंसी सर्विसेज लि. (ईईएसएल) के सीईओ को पत्र लिखा है। पत्र में कहा गया है कि इन स्मार्ट मीटरों को तत्काल फोर-जी तकनीकी के स्मार्ट मीटरों से बदलें। पावर कारपोरेशन प्रबंधन की तरफ से लिखे गए इस पत्र में पुरानी तकनीकी के स्मार्ट मीटर बदले जाने में लापरवाही पर नाराजगी भी जाहिर की गई है।
ये हैं कारण
स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं को कुछ समय पूर्व भार जंपिंग व बत्ती गुल की दिक्कतों का सामना करना पड़ा था। उसी समय से उ.प्र. राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा लगातार पुरानी तकनीकी के स्मार्ट मीटरों को बदले जाने का मुद्दा उठा रहे थे। इस मुद्दे पर उन्होंने विद्युत नियामक आयोग में याचिका भी दायर की थी।
50 लाख स्मार्ट मीटर का काम ईईएसएल को दिया गया था
ईईएसएल को पावर कारपोरेशन ने 50 लाख स्मार्ट मीटर लगाने का काम पिछले वर्षों में दिया था, जिसमें से 11.54 लाख उपभोक्ताओं के परिसर में पुरानी तकनीकी के स्मार्ट मीटर लगा दिए गए। मुद्दा उछलने पर कारपोरेशन प्रबंधन ने स्मार्ट मीटर लगाने पर रोक लगा दिया था। कुछ महीने पूर्व फिर से फोर-जी तकनीकी के स्मार्ट मीटर लगाने का काम शुरू किया गया है। पावर कारपोरेशन के प्रबंध निदेशक पंकज कुमार की तरफ से ईईएसएल के सीईओ को पुरानी तकनीकी के मीटरों को बदलने के लिए पत्र लिखा गया है। जिसमें उन्होंने स्पष्ट लिखा है कि थ्री-जी तकनीकी के पुराने मीटरों को तत्काल फोर-जी तकनीकी के स्मार्ट मीटरों में बदला जाए।
2.5 करोड़ स्मार्ट मीटर खरीद का टेंडर निस्त करने की मांग
प्रबंधन के इस पत्र के बाद उपभोक्ता परिषद अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने मांग की है कि 25 हजार करोड़ रुपये की लागत से 2.5 करोड़ स्मार्ट मीटर खरीदने के लिए जो टेंडर निकाले गए हैं, उसे तत्काल निरस्त किया जाना चाहिए। जब तक फोर-जी तकनीकी के ये मीटर आएंगे तब तक देश में फाइव-जी तकनीकी का विस्तार हो जाएगा। बिजली कंपनियों के पास समय है कि वह निकाले गए टेंडर को निरस्त कर फाइव-जी तकनीकी के स्मार्ट मीटर खरीद का टेंडर निकालें।
NEWS SOURCE : livehindustan
