
लखनऊ : आयकर विभाग के दफ्तर में फर्जी नियुक्ति पकड़े जाने के बाद जांच तेज हो गई है। छानबीन में सामने आया है कि फर्जीवाड़े की आरोपित प्रियंका मिश्रा के खाते में सात माह में 50 लाख रुपये का लेनदेन किया गया है। ये रुपये किसने और किस मद में दिए थे, इसके बारे में आरोपित के घरवाले कोई जानकारी नहीं दे पाए हैं। सूत्रों का कहना है कि लेनदेन की रकम के कागजात नहीं मिले हैं। जांच एजेंसियां वर्ष 2018 से अब तक के लेनदेन का ब्योरा जुटा रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि प्रियंका कुल कितने बैंक खाते संचालित कर रही थी।
पुलिस ने 12 लोगों से की पूछताछ
उधर, पुलिस ने भी आरोपित प्रियंका मिश्रा के बैंक खातों का ब्योरा मांगा है। अब तक की छानबीन में करीब 12 लोगों से पूछताछ की गई है। प्रियंका के पति ने पूछताछ में बताया कि उनकी पत्नी आउट सोर्सिंग का काम भी करती थी। वह कुछ एजेंसियों के संपर्क में थी, जो अभ्यर्थियों को नियुक्ति का फार्म दिलाने, उन्हें भरवाने और लेकर जमा कराने तक का काम करती थी। बैंक खातों से किए गए लेनदेन का ब्योरा जुटाने के बाद पुलिस गिरोह में शामिल अन्य लोगों के खिलाफ कार्रवाई करेगी।
आयकर भवन में किसने बुलाया था अभ्यर्थियों को
यह पता लगाया जा रहा है कि दफ्तर के भीतर अभ्यर्थियों को किसने बुलाया था। आयकर निरीक्षक की भर्ती निकली थी या अभ्यर्थियों को झांसे में लिया गया था। जांच एजेंसियां प्रियंका की काल डिटेल भी निकलवा रही हैं। इसके जरिये जानकारी की जा रही है कि वह किन लोगों के संपर्क में थी। प्रियंका की फोन पर आयकर भवन के किन कर्मचारियों से बात होती थी। माना जा रहा है कि जिन कर्मचारियों की प्रियंका से फोन पर बात हुई थी, उन्हें पुलिस पूछताछ के लिए बुलाएगी। इसके बाद संलिप्त कर्मियों की भूमिका उजागर होगी।
यह है पूरा मामला
मंगलवार को आयकर विभाग के दफ्तर में फर्जी नियुक्ति पत्र बांटते प्रियंका को पकड़ा गया था। सात अभ्यर्थी भी भवन में मौजूद थे, जो नौकरी की आस में आए थे। छानबीन में रुपये लेकर फर्जी नियुक्ति पत्र बांटने की बात उजागर हुई थी। हजरतगंज कोतवाली में आयकर के पीआरओ की तहरीर पर प्रियंका समेत अन्य के खिलाफ एफआइआर दर्ज की गई थी। पुलिस ने प्रियंका को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
NEWS SOURCE : jagran
