कोरोना वायरस के चलते देशभर में लॉकडाउन लगा गया दिया गया है, जिसके चलते सभी उद्दोगों पर ताला लगा दिया गया। वहीं हर व्यक्ति काम पर न जाकर अपने घर में रहने लग गया। हरियाणा में औद्योगिक गतिविधियां शुरू करने को लेकर सरकार खासी गंभीर है। रेड जोन में शामिल चार जिलों गुरुग्राम, फरीदाबाद, नूंह और पलवल के कंटेनमेंट जोन को छोड़कर बाकी हिस्सों में औद्योगिक गतिविधियां शुरू करने पर सरकार विचार कर रही है।
ओरेंज और ग्रीन जोन में शामिल प्रदेश के बाकी 18 जिलों में शारीरिक दूरी के नियमों का पालन करने तथा श्रमिकों के रहने-खाने और ठहरने का बंदोबस्त करने की शर्त पर छोटे उद्योगों में उत्पादन आरंभ करने की इजाजत दी जा सकती है। सभी जिला उपायुक्तों व उद्योग विभाग के अधिकारियों को इसके लिए अगले दो दिन के भीतर प्लान तैयार कर सरकार को भेजने के लिए कह दिया गया है।
हरियाणा के सीएम मनोहर लाल ने प्रमुख समाचार पत्रों के संपादकों के साथ विचार-विमर्श के दौरान यह जानकारी साझा की। देश भर में लॉकडाउन 3 मई तक है, लेकिन कुछ राज्यों में 20 अप्रैल से कामकाज शुरू करने की इजाजत मिल सकती है। कोरोना संक्रमण के कम प्रभाव वाले राज्यों में हरियाणा भी शामिल है, इसलिए उसे केंद्र के नए दिशा निर्देशों का लाभ मिल सकता है। बेहतर अर्थव्यवस्था के लिए संपादकों ने सरकार को कुछ सुझाव भी दिए।
संपादकों से विचार विमर्श के दौरान मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने बताया कि राज्य और जिला स्तर पर डिस्टेंसिंग प्लानिंग कमेटी बनाई गई है, जो निरीक्षण करने के बाद अपनी रिपोर्ट देगी कि किस स्थान पर काम शुरू हो सकता है। जिन कारखानों में अधिक लेबर की जरूरत है, वहां प्रदेश स्तरीय डिस्टेंसिंग प्लान कमेटी से मंजूरी लेने की जरूरत होगी, जबकि बाकी स्थानों पर जिला व ब्लाक स्तरीय कमेटियां उत्पादन आरंभ करने की मंजूरी प्रदान करेंगी।
सीएम ने स्पष्ट कर दिया कि लॉकडाउन अवधि तक प्रदेश में शराब के ठेके नहीं खुलेंगे। उन्होंने एक जानकारी के आधार पर बताया कि हमें उम्मीद थी कि 14 अप्रैल को लॉकडाउन में कुछ रियायत मिल सकती है, इसलिए शराब फैक्टरियों को 11 अप्रैल को परिपत्र जारी कर बोटलिंग आरंभ करने के लिए कह दिया गया था, लेकिन साथ ही उस पत्र में यह भी स्पष्ट था कि लॉकडाउन खुलने के बाद ही शराब बेची जा सकेगी। अब चूंकि लॉकडाउन तीन मई तक है, इसलिए प्रदेश सरकार अपने स्टैंड पर कायम है।
सीएम ने दावा किया कि प्रदेश में हालात सामान्य हैं। तब्लीगी जमातियों की वजह से कुछ केस बढ़े हैं, लेकिन उनके उपचार में सरकार किसी तरह का भेदभाव नहीं आने देगी। कोरोना संक्रमित लोगों का ईलाज करने वाले स्वास्थ्य कर्मियों का वेतन हमने डबल किया है। पीपीई किट तथा बाकी उपकरणों की कोई कमी नहीं है। आरंभ में प्रदेश में सिर्फ दो लैब थी। आज इस समय दस टेस्टिंग लैब हैं। एक हजार से ऊपर टेस्ट हर रोज हो रहे हैं।
उन्हों ने कहा कि जरूरत पड़ी तो टेस्टिंग लैब की संख्या बढ़ा सकते हैं। मनोहर लाल के अनुसार विभिन्न योजनाओं के तहत अभी तक 13 लाख लोगों को 438 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता पहुंचाई जा चुकी है। बाकी लाभार्थियों को भी जल्द ही आर्थिक सहायता पहुंचा दी जाएगी।
