औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आइटीआइ) और पॉलिटेक्निक में दाखिले को लेकर चिंतित छात्रों को प्रदेश सरकार ने बड़ी राहत दी है। दसवीं और बारहवीं की बोर्ड परीक्षाओं का रिजल्ट घोषित नहीं होने के बावजूद छात्रों को करीब तीन दर्जन उन ट्रेड में भी दाखिला दिया जाएगा, जिनके लिए विज्ञान और गणित जरूरी है। हालांकि दोनों विषयों में पास नहीं होने वाले विद्यार्थियों को बाद में ट्रेड बदलना पड़ेगा।
‘हरियाणा आज’ कार्यक्रम की कड़ी में शनिवार को मुख्यमंत्री मनोहर लाल डिजिटल मोड़ के जरिए छात्रों और शिक्षकों से रूबरू हुए। छात्रों के तीन-एस का मंत्र देते हुए सीएम ने कहा कि स्टे एट होम (घर पर रहे), स्कूल एट होम (घर पर विद्यालय लगाओ) और स्टडी एट होम (घर पर पढ़ो)। प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए यह बेहतरीन अवसर है। 12वीं की बची हुई परीक्षा को लेकर केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) द्वारा गाइडलाइन जारी होने के तुरंत बाद रिजल्ट घोषित कर दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हम स्कूल आपके घर में ला रहे हैं। हम सभी 25 दिनों से लॉकडाउन का पालन कर रहे हैं और फिलहाल हमें पढ़ाई के तरीकों को बदलना होगा। बच्चों को घर-घर में मिड-डे मिल दिया जा रहा है। लॉकडाउन के बाद छात्रों को नई किताबों देंगे।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने चार शिक्षकों और छात्र की युवाओं से सीधी बात कराई। शिक्षिका नमता ने बताया कि कैसे बच्चों को ऑनलाइन पढ़ाई कराई जा रही है। सफीदों में तैनात जेबीटी शिक्षक रमेश कुमार ने बताया कि कैसे बच्चों को मिड-डे मिल उनके घरों तक पहुंचा रहे है। इसी तरह जेबीटी शिक्षक सुनील दत्त ने बताया कि छात्रों को किस तरह किताबें मुहैया कराई जा रही है। सिरसा में जीव विज्ञान के प्रोफेसर विवेक पूरी दिलचस्पी दिखा रहे हैं। कुछ छात्रों ने तो अपने स्मार्टफोन ऐसे विद्यार्थियो को दिए हैं जिसके पास ऑनलाइन पढ़ाई के लिए मोबाइल नहीं हैं। यमुनानगर के छात्र साहिल कंबोज ने आरोग्य सेतु एप की खूबियां बताई।
