
Haryana news : हरियाणा में एक दिहारी करने वाले मजदूर के बैंक खाते में 200 करोड़ रुपए की लैंडिंग हो गई। इतनी बड़ी रकम देखकर बैंक वालों के तो होंश उड़ ही गए, साथ ही मजदूर और उसके परिवार के लोग भी हक्के-बक्के रह गए कि आखिर इतनी बड़ी रकम उनके खातें में आई कहां से। 200 करोड़ की यह राशि किसने डाली, क्यों डाली, इसका पता नहीं चल पाया है लेकिन इस राशि को बैंक की तरफ से होल्ड करवाया गया है। इसकी जांच चल रही है।
हरियाणा के चरखी दादरी जिले के गांव बेरला निवासी आठवीं पास श्रमिक विक्रम के खाते में 200 करोड़ रुपये का मामला सुर्खियों में बना है। युवक विक्रम के भाई प्रदीप और मां बीना देवी के अनुसार जिस खाते में रकम आई है वो यश बैंक का है और इस राशि को होल्ड किया गया है। फिलहाल परिजनों को इसकी जानकारी नहीं है कि ये राशि किसने और क्यों डाली है। खास बात ये है कि ये राशि डालने के लिए जितनी भी ट्रांजेक्शन हुई हैं उन ट्रांजेक्शन की राशि के सभी अंक 9 ही हैं, जो हैरानी वाली बात है।बता दें कि बेरला निवासी विक्रम आठवीं पास है और दो महीने पहले वह नौकरी करने के लिए पटौदी क्षेत्र में गया था। वहां उसने एक्सप्रेस-20 नाम की कंपनी में बतौर श्रमिक ज्वाइन किया। विक्रम के भाई प्रदीप के अनुसार खाता खुलवाने के लिए विक्रम से दस्तावेज लिए गए और बाद में उसका खाता रद्द होने की बात कहकर उसे नौकरी से निकाल दिया गया। वहां विक्रम ने करीब 17 दिन काम किया।
विक्रम के भाई के अनुसार, दो सितंबर को यूपी पुलिस उनके घर आई। तीन सदस्यीय टीम में एक इंस्पेक्टर, एक एसआई और एक कांस्टेबल शामिल था। टीम ने बताया कि विक्रम के खाते में 200 करोड़ रुपये की रकम आई है। जब पुलिस टीम ने उसे साथ ले जाना चाहा तो परिजनों ने विरोध किया। इसके बाद पूछताछ कर पुलिस टीम वहां चली गई।प्रदीप ने बताया कि इसके बाद वो पिलानी यश बैंक की ब्रांच में पहुंचा और वहां विक्रम का खाता नंबर देकर जमा राशि के बारे में पता किया तो पुष्टि हुई कि 200 करोड़ से अधिक की रकम होल्ड पर है। प्रदीप ने बताया कि बैंक से उन्हें पता चला कि ये राशि गुजरात पुलिस ने होल्ड करवाई है। प्रदीप के अनुसार उसे संदेह है कि जो पुलिस टीम उनके घर पहुंची वो नकली हो। विक्रम के भाई प्रदीप ने बताया कि इस प्रकरण को लेकर उन्होंने हरियाणा के सीएम मनोहर लाल, डीजीपी, यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ, प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति को ट्वीट कर दिया है। प्रदीप ने बताया कि सभी ट्रांजेक्शन में 9 नंबर प्रयोग करना समझ से बाहर है।
एकतरफ विक्रम के भाई प्रदीप का कहना है कि इस मामले की शिकायत वो जिला पुलिस को दे चुका है, जबकि दूसरी ओर दादरी पुलिस ऐसी कोई शिकायत आने से इंकार कर रहा है। वहीं, दादरी पुलिस का कहना है कि बेरला में यूपी पुलिस की दबिश की कोई जानकारी नहीं है। ऐसा होता तो पुलिस थाने में संपर्क करती। बाढडा डीएसपी देशराज का कहना है कि ऐसी कोई शिकायत हमारे पास नहीं आई है। न ही यूपी पुलिस की दबिश की कोई जानकारी है।
NEWS SOURCE : chopaltv
