
Akhilesh Yadav Poster: पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव के ऐलान के साथ ही केंद्र की राजनीति से सियासी दल दूर हो गए हैं. इसका जीता जागता उदाहरण कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के बीच हो रही तूतू-मैंमैं है. मध्यप्रदेश में एक भी सीट नहीं देने पर सपा ने एक बार तो कांग्रेस से नाराजगी जरूर जताई लेकिन फिर डैमेज कंट्रोल का भी दौर चला. ऐसे में सपा की हालत पर बाजीगर फिल्म का गाना छुपाना भी नहीं आता.. जताना भी नहीं आता.. बिल्कुल सटीक बैठता है. सपा का हाल ऐसा हुआ है कि वो कांग्रेस से अपनी नाराजगी न छिपा पा रही है ना ही जता पा रही है.
चर्चा का विषय बना पोस्टर
कांग्रेस से झगड़े के बीच एक पोस्टर चर्चा का विषय बना हुआ. समाजवादी पार्टी के कार्यालय पर टंगे इस पोस्ट पर लिखा था- ‘देश के भावी प्रधानमंत्री आदरणीय अखिलेश यादव जी को जन्मदिन की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं’. इसका सीधा मतलब तो यह है कि समाजवादी पार्टी लोकसभा चुनाव में कांग्रेस का समर्थन नहीं करने का मन बना चुकी है.
अखिलेश यादव ने क्या कहा?
लेकिन उत्तराखंड में जब सपा प्रमुख अखिलेश यादव से इस पोस्टर के बारे में पूछा गया तो उन्होंने चौंकाने वाली प्रतिक्रिया दी. अखिलेश ने कहा कि केवल पोस्टर लगाने भर से कोई प्रधानमंत्री नहीं बन जाएगा. अगर किसी कार्यकर्ता ने पोस्टर लगाया है तो उसने अपनी इच्छा जाहिर की है. बीजेपी को रोकना ही समाजवादियों का लक्ष्य है. अखिलेश के जवाब ने यह साफ कर दिया है कि वे कांग्रेस मनमुटाव के मुद्दे पर ज्यादा कुछ नहीं कहना चाहते.
..यह तो कार्यकर्ताओं की भावना
बहरहाल, अखिलेश के ‘भावी प्रधानमंत्री’ वाले पोस्टर ने सियासी गलियारों को चर्चा का विषय दे दिया है. सपा प्रवक्ता राजेन्द्र चौधरी ने बैनर पर कहा, ‘यह तो कार्यकर्ताओं की भावना है. और क्या कहा जा सकता है?’ यह पूछे जाने पर कि क्या अखिलेश यादव अगले लोकसभा चुनाव में प्रधानमंत्री पद के दावेदार हैं, चौधरी ने कहा, ‘नहीं, पार्टी ने तो ऐसा कभी नहीं कहा.’
दबाव बनाने का हथकंडा
भाजपा प्रवक्ता अवनीश त्यागी ने कहा, ‘अखिलेश यादव को उत्तर प्रदेश की जनता ने पूरी तरह नकार दिया है और अन्य राज्यों में भी उनकी पार्टी का कोई जनाधार नहीं रह गया है. सपा के सहयोगी दल भी उससे लगातार मुंह मोड़ते जा रहे हैं. ऐसे बैनर इंडिया गठबंधन में दबाव बनाने का हथकंडा मात्र हैं.’ उन्होंने कहा कि सपा प्रमुख के सहयोगी नेता ‘मुंगेरी लाल के हसीन सपने’ देख रहे हैं, जो कभी पूरे नहीं होंगे. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी लगातार तीसरी बार देश के प्रधानमंत्री बनने जा रहे हैं क्योंकि जनता ने इसके लिये मन बना लिया है.
अखिलेश के लिए पहले भी उठ चुकी है मांग
वैसे, सपा के अंदर अखिलेश यादव को प्रधानमंत्री पद का दावेदार बनाने की मांग पहले भी उठ चुकी है. इसी साल अप्रैल में लखनऊ-मध्य सीट से सपा विधायक एवं पूर्व मंत्री रविदास मेहरोत्रा ने भी यादव को प्रधानमंत्री बनाने की मांग की थी.
NEWS SOURCE : zeenews
