
Bihar News: बिहार के डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव ने अपनी सरकार की नई खेल नीति की घोषणा की है. उन्होंने कहा कि बिहार के एथलीटों को मेडल जीतने पर सीधे राज्य सरकार में नौकरी मिलेगी. खेल से संबंधित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने यह ऐलान किया. तेजस्वी ने कहा कि बिहार में खेल को बढ़ावा देने के लिए यही नीति लाई गई है.
..स्पोर्ट्स का जमाना है
तेजस्वी यादव ने शनिवार को कहा कि बिहार में जो भी खिलाड़ी मेडल लाएगा, वह नौकरी पाएगा. पहले एक कहावत थी कि ‘पढ़ोगे-लिखोगे तो बनोगे नवाब… खेलोगे-कूदोगे तो बनोगे खराब…’ लेकिन, अब यह नहीं चलेगा. अब, तो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और स्पोर्ट्स का जमाना है. ऐसे में अब जरुरत है कि बच्चे आईफोन और टैब छोड़कर खेल के मैदानों का रूख करें.
पढ़ाई के साथ-साथ खेल भी अहम
इस दौरान उन्होंने पढ़ाई के साथ-साथ खेल को भी अहम बताया और कहा कि बिहार सरकार पॉलिसी लाई है कि मेडल लाओ और नौकरी पाओ. हमारे राज्य में खेलों को बढ़ावा देने के लिए हमलोग एक नीति लेकर आए हैं. तेजस्वी ने कहा कि बेरोजगारी लोगों की दुश्मन है. पढ़े-लिखों को भी नौकरी नहीं मिल रही है. लोगों के पास डिग्री है, लेकिन नौकरी नहीं है. हम राज्य में खेल को बढ़ावा देने के लिए यह नीति लाए हैं.
81 खिलाड़ियों को नौकरी
उन्होंने कहा कि 81 खिलाड़ियों को खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) और निरीक्षक जैसे अधिकारी स्तर के पदों पर चुना गया है. हम 81 खिलाड़ियों को सिर्फ नौकरी नहीं दे रहे हैं, बल्कि उन्हें अधिकारी बना रहे हैं. उन्हें जल्द ही ज्वाइनिंग लेटर मिल जाएगा. किसी को पढ़ाई की उपेक्षा नहीं करनी चाहिए और डिग्री हासिल करने के लिए कड़ी मेहनत करनी चाहिए.
..लेकिन मैं ईमानदार था
इसके साथ ही तेजस्वी यादव ने यह भी कहा कि मैं दो पूर्व मुख्यमंत्रियों का बेटा हूं. मैं चाहता तो डिग्री हासिल कर सकता था, लेकिन मैं ईमानदार था. कई लोगों के पास फर्जी डिग्रियां हैं, लेकिन मैंने ऐसा नहीं किया. उन्होंने कहा कि बच्चों को सिर्फ आईफोन और टैबलेट पर ध्यान केंद्रित नहीं करना चाहिए, बल्कि खेल के मैदान में भी जाना चाहिए l
NEWS SOURCE : zeenews
