अखिल भारतीय संत एकता आंदोलन परिषद एवं गुरु गोरक्षनाथ मानव कल्याण संस्थान के परमाध्यक्ष महंत कैलाश नाथ हठयोगी ने बयान जारी कर कहा कि विशेषज्ञ मानव समाज कोरोना महामारी के संकट के कारण आर्थिक मंदी के दौर से गुजर रहा है जिसके कारण से सभी देशों की अर्थव्यवस्था खराब होती जा रही है जिसे पटरी पर लाने के लिए सभी प्रयत्नशील हैं किंतु ऐसा संभव हो ना नहीं दिखाई पड़ रहा है इसका मूल कारण है कि राष्ट्र निर्माता देश भक्त समाज सुधारक सत्य अहिंसा करुणा के मार्ग का परित्याग कर अपने अपने राष्ट्रों का युगपुरुष बनना चाहते हैं जो की काल्पनिक सोच के साथ साथ केवल मात्र दिखावा छलावा है इसी कारण से विश्व के सभी देश परेशान एवं चिंतित हैं जब मनुष्य का जीवन दिखावा और छलावा से परिपूर्ण होगा तब देवी आपदा आर्थिक संकट का होना निश्चित है जीवन व्यवहार सदैव यथार्थ वादी होना चाहिए जिसकी नीव सत्य अहिंसा करुणा पर आधारित होनी चाहिए तभी जाकर हमारा भूत वर्तमान भविष्य तीनों सुरक्षित रह सकेगा आज चारों तरफ लोग परेशान हैं जिसका मूल कारण है
कि देश के शासकों के कथनी करनी में अंतर है सकारात्मक रचनात्मक भावनात्मक सृजनात्मक सोच वालों को अपना विरोधी देश समाज का दुश्मन तक कह डालते हैं ऐसी परिस्थिति में संक्रमण महामारी अर्थव्यवस्था के खिलाफ युद्ध में सफलता कैसे मिलेगी? संक्रमण महामारी से संयुक्त प्रयास सावधानी से हम विजय प्राप्त कर सकते हैं किंतु वह पैदा कर शत्रु भाव रखकर व्यापार बाद की भावना से प्रेरित होकर कार्य करने से यथार्थ के संघर्ष में सफलता कैसे संभव है? आज चारों तरफ सहयोगात्मक संदेह आत्मक वातावरण तैयार कर राजनीति हो रही है और उसे महामारी संकट अर्थव्यवस्था के साथ जोड़कर देखा जा रहा है जो सत्य से दूर है इसी कारण से महामारी फैलती जा रही है अर्थव्यवस्था भी निरंतर खराब हो रही है लोग भूख प्यास कारोबार से परेशान है सरकार सरकारी संस्थानों को बेचने में लगी हुई है दिखावा महामारी आर्थिक मंदी का है पर्दे के पीछे कुछ और ही धंधे हैं जनसाधारण अपनी आजीविका रोजी-रोटी से परेशान है देश के शासक हवाई जहाज खरीदने बेचने में व्यस्त हैं धनकुबेर ओं के दबाव में हवाई यात्रा आरंभ हो रही है
प्रवासी मजदूरों गरीबों नौजवानों के लिए रेल और बस सुविधाओं के नाम पर पुलिस की लाठियां अब मान झूठे मुकदमे कैसे दर्ज हो रहे हैं अब सोचना यह पड़ रहा है कि इस परिस्थिति में कैसे दूर होगी आर्थिक मंदी और कोरोना महामारी का प्रभाव मौजूदा माहौल में हर व्यक्ति तनावपूर्ण भावपूर्ण जीवन जीने के लिए मजबूर है जब तक देश के शासक राजनेता गण समाज सुधारक सत्य अहिंसा करुणा मैत्री के पथ पर नहीं चलेंगे तब तक मूलभूत समस्याओं का समाधान निदान संभव नहीं है वर्तमान वातावरण के कारण से हमारा पारंपरिक पारस्परिक संबंध भी खराब हो रहे हैं विश्वास सेवा भाव की भावना मानवता सर्वत्र शर्मसार हो रही है विशेषज्ञ मानव समाज के लिए दुखदाई एवं सोचनीय विचारणीय है
सर्व धर्म सदभाव बिना विश्व शांति असंभव है सभी धर्म करे पुकार देश धर्म करो स्वीकार, घर घर अलख जगायेंगे धर्मांधता कट्टरवाद को मिटायेंगे।
