
फरीदाबाद: औद्योगिक नगरी में पेयजल का संकट है या प्रबंधन सहीं तरीके से नहीं होने के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसको लेकर नगर निगम की ओर से पानी वितरण को लेकर नया शेड्यूल तैयार किया जा रहा है। ताकि सभी विधानसभा क्षेत्र में बराबर पानी का वितरण हो सके। ऐसा कदम निगम को सीएम के आदेश के बाद उठाना पड़ा है। पिछले सप्ताह एनआइटी के विधायक सतीश फागना ने सीएम नायब सैनी से मुलाकात की थी। इस दौरान उन्होंने पानी बंटवारे की समस्या भी सीएम के सामने रखे। जिसके बाद सीएम ने मौके से ही फोन करके निगम और एफएमडीए अधिकारी सामान पानी वितरण को लेकर आदेश दिए। निगम की ही रिपोर्ट के अनुसार पूरे जिले में सबसे अधिक पानी फरीदाबाद और बल्लभगढ़ में आपूर्ति होता है। वहीं सबसे अधिक किल्लत बल्लभगढ़ और एनआइटी में होती है। इसके साथ ही एफएमडीए ने पानी चोरी रोकने को लेकर दो टीमों का गठन किया है।
एनआईटी में मांग के अनुसार आधा पानी भी नहीं हो रहा सप्लाई
एनआइटी विधानसभा क्षेत्र में पेयजल किल्लत को लेकर सबसे अधिक प्रदर्शन हो रहे हैं। पूरे विधानसभा क्षेत्र में 60 एमएलडी पानी सप्लाई करने की जरूरत है। जबकि पानी की आपूर्ति 26 एमएलडी तक हो पा रही है। हालांकि पेयजल आपूर्ति कम होने के कारण ही निगम की ओर से सबसे अधिक टैंकर एनआइटी के लिए ही निर्धारित किए गए है। एनआइटी के प्रत्येक वार्ड में 10 से 15 टैंकर निर्धारित किए गए है। वहीं फरीदाबाद में 59.5 एमएलडी की मांग पर 44 एमएलडी पानी की आपूर्ति हो रही है।
एफएमडीए की ओर से चोरी रोकने को दो टीमों का किया गठन
पानी चोरी को लेकर केंद्रीय राज्यमंत्री कृष्णपाल गुर्जर की मीटिंग में भी मामला उठा था। जिसमें केंद्रीय मंत्री ने एफएमडीए अधिकारियों को फटकार लगाई थी। जिसके बाद एफएमडीए की ओर से दो टीमों का गठन किया गया है। रेनीवेल नंबर 4,5, 6,7 और आठ के लिए एसडीओ जितेंद्र सिंह की अध्यक्षता में टीम गठित की है। टीम में जेई नीरज शर्मा, अमित चाैधरी, धनराज और भूपेंद्र शामिल है। लाइन नंबर-1,2 और 3 के लिए एसडीओ असर खान की अध्यक्षता में टीम का गठन हुआ है। इसमें एसडीओ नवल सिंह, जेई प्रवीन, जेई अनीश, देवेंद्र और जसवंत शामिल है।
टीम को दो दिनों के भीतर करनी होगी अवैध कनेक्शन की पहचान
दोनों टीमों को दो दिन के भीतर अवैध कनेक्शन को लेकर पहचान करनी होगी। इसके बाद अगले पांच दिनों के भीतर सभी कनेक्शनों को हटा दिया। सात दिन बाद कमेटी अपनी रिपोर्ट जिला उपायुक्त, एफएमडीए के सीइओ, नगर निगम आयुक्त को जमा करेगी। इस समय पानी की किल्लत को निपटाना सबसे बड़ा टारगेट है। इंजीनियरिंग ब्रांच सामान पानी वितरण को लेकर शेड्यूल तैयार कर रही है। उम्मीद है कि इससे किसी हद तक समस्या का निपटान हो जाएगा।
– धीरेंद्र खड़गटा, आयुक्त नगर निगम
पानी का अवैध कनेक्शन लेने वालों के खिलाफ दो टीमों का गठन किया गया है। दोनों टीम सात दिन के भीतर अपनी रिपोर्ट पेश करेगी। पानी चोरी रोकने से ही व्यवस्था में सुधार होगा।
– विशाल बंसल, मुख्य अभियंता, फरीदाबाद महानगर विकास प्राधिकरण
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