
हांसी : हिसार के नागरिक अस्पताल (सिविल हॉस्पिटल) की मॉर्च्युरी में रखे एक महिला के शव को चूहों द्वारा कुतरे जाने के गंभीर आरोप के बाद रविवार को परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा। आक्रोशित परिजनों और किन्नर समाज के लोगों ने हांसी की तोशाम चुंगी पर एम्बुलेंस खड़ी कर मुख्य सड़क को पूरी तरह जाम कर दिया। हंगामे के दौरान प्रदर्शनकारियों और वाहन चालकों के बीच झड़प भी हुई, जिसमें कुछ वाहनों के शीशे टूट गए। सूचना मिलते ही भारी पुलिस बल के साथ डीएसपी और थाना प्रभारी मौके पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित किया।
महिला के शव की दुर्दशा देखकर भड़के परिजनों ने हांसी की तोशाम चुंगी पर जाम लगा दिया। इस विरोध प्रदर्शन में किन्नर समाज के लोग भी शामिल हो गए, जिससे हंगामा और बढ़ गया। हंगामे के दौरान कुछ प्रदर्शनकारियों ने सड़क से गुजर रहे वाहनों पर ईंटें फेंकी, जिससे दो गाड़ियों के शीशे टूट गए। इस बात को लेकर वाहन चालकों और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी बहस भी हुई। जाम की खबर मिलते ही डीएसपी विनोद शंकर और शहर थाना प्रभारी सुखजीत सिंह भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। करीब आधे घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद पुलिस ने जाम खुलवाया। हंगामा करने के आरोप में तीन लोगों को हिरासत में भी लिया गया, जिन्हें बाद में समझा-बुझाकर छोड़ दिया गया।
क्या है पूरा मामला?
परिजनों के अनुसार, यह पूरा विवाद हांसी और हिसार के सरकारी अस्पतालों की कार्यप्रणाली से जुड़ा है।हांसी के सरकारी अस्पताल में महिला की सिजेरियन डिलीवरी (ऑपरेशन से प्रसव) हुई थी, जिसके बाद उसकी तबीयत अचानक बिगड़ गई।महिला की गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे हिसार रेफर कर दिया, लेकिन हिसार अस्पताल पहुंचने से पहले ही उसने रास्ते में दम तोड़ दिया। मौत के बाद महिला के शव को हिसार के सिविल अस्पताल के शव गृह (मॉर्च्युरी) में रखवा दिया गया था। परिजनों का आरोप है कि मॉर्च्युरी के फ्रीजर या डार्क रूम में चूहों ने महिला के माथे की खाल को बुरी तरह कुतर दिया, जो अस्पताल प्रशासन की घोर लापरवाही को दर्शाता है।
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