
चंडीगढ़ : पत्रकारों के सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा कवच को मजबूत बनाने की दिशा में मीडिया वेल बीइंग एसोसिएशन (एमडब्ल्यूबी) रजिस्टर्ड की कार्यकारिणी बैठकों में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। संस्था ने स्पष्ट किया है कि पत्रकार हित सर्वोपरि हैं और इसी उद्देश्य से विभिन्न प्रकार की निःशुल्क बीमा योजनाओं को व्यवस्थित एवं पारदर्शी ढंग से लागू करने के लिए नई शर्तें निर्धारित की गई हैं। संस्था के उत्तर भारत के उपाध्यक्ष पवन चोपड़ा ने बताया कि एमडब्ल्यूबी अपनी स्थापना से ही पत्रकारों से सदस्यता शुल्क, पंजीकरण शुल्क अथवा बीमा के नाम पर किसी प्रकार की कोई राशि नहीं लेती है। संगठन की सभी कल्याणकारी योजनाएं पात्र पत्रकारों को पूर्णतः निःशुल्क उपलब्ध कराई जाती हैं।
उन्होंने कहा कि सदस्यता एवं बीमा लाभ प्राप्त करने के इच्छुक पत्रकारों के लिए आवेदन-पत्र के साथ अपना अधिकृत अथॉरिटी लेटर अथवा वैध प्रेस आई-कार्ड, आधार कार्ड तथा पैन कार्ड की प्रतियां संलग्न करना अनिवार्य होगा। संस्था ने आवेदन प्रक्रिया को अधिक जवाबदेह और प्रमाणिक बनाने के लिए यह भी निर्णय लिया है कि भविष्य में किसी भी आवेदन-पत्र को संबंधित जिलाध्यक्ष की अनुशंसा के बिना स्वीकार नहीं किया जाएगा। जिन जिलों में अभी तक जिलाध्यक्ष नियुक्त नहीं किए गए हैं, वहां तीन सदस्यीय अनुमोदन समिति की स्वीकृति आवश्यक होगी। इस समिति में संगठन मंत्री एवं एप्रूवल कमेटी के अध्यक्ष मेवा सिंह राणा, महासचिव एवं एप्रूवल कमेटी के सदस्य विनोद लाहोट तथा सह सचिव के.सी. आर्य शामिल हैं। आवेदन-पत्र पर इन तीनों में से किसी एक पदाधिकारी के हस्ताक्षर अनिवार्य होंगे।
कार्यकारिणी की बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि किसी भी राज्य में आयोजित प्रांत स्तरीय कार्यक्रमों में न्यूनतम 50 प्रतिशत उपस्थिति दर्ज कराने वाले पत्रकार साथियों को संगठन से जुड़े एक वर्ष पूर्ण होने के बाद 10 लाख रुपये की निःशुल्क एक्सीडेंटल इंश्योरेंस पॉलिसी प्रदान की जाएगी। इसी प्रकार, प्रांत स्तरीय कार्यक्रमों में 50 प्रतिशत उपस्थिति बनाए रखने वाले पत्रकारों को संगठन में तीन वर्ष पूर्ण होने के बाद 10 लाख रुपये की निःशुल्क टर्म इंश्योरेंस पॉलिसी उपलब्ध कराई जाएगी। इसके अतिरिक्त, पांच वर्ष तक सक्रिय सहभागिता और निर्धारित उपस्थिति मानदंड पूरा करने वाले पत्रकारों को 33 लाख रुपये तक की निःशुल्क कैशलेस हेल्थ मेडिकल इंश्योरेंस पॉलिसी देने का भी निर्णय लिया गया है।
बैठक में यह भी तय किया गया कि जिन पत्रकारों को पहले से किसी प्रकार की बीमा पॉलिसी प्रदान की जा चुकी है, उनके लिए भी संगठनात्मक गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी आवश्यक होगी। यदि कोई सदस्य अपने प्रदेश अथवा अन्य प्रदेशों में आयोजित कार्यक्रमों, विशेषकर अपने राज्य के कार्यक्रमों में 50 प्रतिशत उपस्थिति दर्ज नहीं कराता है, तो उसकी बीमा पॉलिसी के अगले वर्ष नवीनीकरण पर पुनर्विचार किया जाएगा। पवन चोपड़ा ने कहा कि संगठन का उद्देश्य केवल बीमा सुविधाएं उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि पत्रकारों की सक्रिय भागीदारी और संगठनात्मक एकजुटता को भी मजबूत करना है। इसी कारण उपस्थिति को बीमा योजनाओं से जोड़ा गया है ताकि संगठन के प्रति जिम्मेदारी और सहभागिता बनी रहे।
इस संबंध में अंतिम निर्णय लेने तथा मामलों की समीक्षा करने के लिए तीन सदस्यीय समिति का गठन किया गया है। समिति के अध्यक्ष संस्था के महासचिव डॉ. सुरेंद्र मेहता (यमुनानगर) होंगे। समिति में उपाध्यक्ष भुवनेश झंडई (रतिया) तथा कोषाध्यक्ष तरुण कपूर (अंबाला) को सदस्य बनाया गया है। यह समिति बीमा पॉलिसियों के नवीनीकरण, पात्रता तथा उपस्थिति से जुड़े मामलों पर अंतिम अनुशंसा प्रस्तुत करेगी। एमडब्ल्यूबी के इन निर्णयों को पत्रकार कल्याण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे संगठन से जुड़े पत्रकारों को सामाजिक सुरक्षा के साथ-साथ संगठनात्मक गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी के लिए भी प्रोत्साहन मिलेगा।
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