
देश में रसोई गैस (LPG) का इस्तेमाल लगभग हर घर में होता है, लेकिन इससे जुड़ी सुरक्षा के प्रति थोड़ी सी भी लापरवाही बड़े हादसे को दावत दे सकती है। विशेषज्ञों के अनुसार, सिलेंडर की सुरक्षा उसी समय से शुरू हो जाती है जब वह आपके घर डिलीवर होता है। अक्सर लोग जल्दबाजी में जरूरी जांच करना भूल जाते हैं, जो आगे चलकर खतरनाक साबित हो सकता है।
ऐसे पहचानें सिलेंडर की एक्सपायरी डेट
बहुत कम लोग जानते हैं कि सिलेंडर की भी एक्सपायरी डेट होती है। सिलेंडर पर एक विशेष कोड दिया होता है जिसमें A, B, C, और D अक्षर महीनों को दर्शाते हैं और उनके साथ लिखा नंबर साल को बताता है। डिलीवरी लेते समय इस कोड को चेक करना बेहद महत्वपूर्ण है।
सील और फिजिकल डैमेज पर रखें नजर
सिलेंडर लेते समय हमेशा उसकी सुरक्षा कैप और सील की जांच करें। यदि सील टूटी हुई मिले, तो सिलेंडर न लें क्योंकि यह गैस के साथ छेड़छाड़ का संकेत हो सकता है। इसके अलावा, यदि सिलेंडर पर जंग लगा हो या कोई डेंट (टूट-फूट) दिखाई दे, तो उसे स्वीकार न करें, क्योंकि ऐसे सिलेंडर हादसे का मुख्य कारण बनते हैं।
वजन चेक करना है जरूरी
अक्सर गैस चोरी की शिकायतें सामने आती हैं, इसलिए डिलीवरी के समय सिलेंडर का वजन जरूर चेक करें। यदि आपके पास वजन कांटा उपलब्ध है, तो उसे तौलकर देख लें कि सिलेंडर में गैस पूरी है या नहीं।
गड़बड़ी मिलने पर क्या करें?
यदि आपको सिलेंडर में किसी भी तरह की खराबी या कमी नजर आती है, तो उसे लेने से मना कर दें। तुरंत अपनी संबंधित गैस एजेंसी को कॉल कर इसकी जानकारी दें। शिकायत के लिए सबूत के तौर पर खराब सिलेंडर की फोटो और वीडियो जरूर बना लें। याद रखें, आपकी एक सावधानी आपके परिवार को बड़े हादसे से बचा सकती है।
NEWS SOURCE Credit : punjabkesari
