हरियाणा में जल्द ही दो बड़ी कंपनियां निवेश करेंगी। दरअसल मशहूर इलेक्ट्रानिक्स कंपनी एटीएल और ई कामर्स कंपनी फ्लिपकार्ट हरियाणा आने की तैयारी में हैं। दोनों कंपनियों ने हरियाणा सरकार से करीब 350 एकड़ जमीन मांगी है।
हरियाणा में लॉकडाउन खत्म होने के साथ ही विभिन्न कंपनियों ने यहां निवेश की इच्छा जताई है। चीन और जापान में काम करने वाली कई कंपनियों के सीइओ व निदेशकों के साथ वार्ता के दौरान हरियाणा सरकार उन्हेंं अपने यहां तमाम तरह की सुविधाएं देने को तैयार हो गई है। पिछले बीस दिनों के भीतर बीतर करीब एक दर्जन बड़ी कंपनियों के साथ सरकार की वार्ता हुई है।
मुख्यमंत्री मनोहर लाल और उनके प्रधान सचिव राजेश खुल्लर इन कंपनियों के साथ बातचीत आगे बढ़ा रहे हैं। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से सटे गुरुग्राम जिले के सोहना में इलेक्ट्रानिक्स कंपनी एटीएल ने करीब 200 एकड़ जगह हरियाणा सरकार से मांगी है। इसी तरह ई-कामर्स कंपनी फिल्पकार्ट ने कुंडली-मानेसर-पलवल एक्सप्रेस-वे के पास 150 एकड़ जमीन की मांग सरकार से की है, ताकि यहां निवेश किया जा सके।
सीएम के प्रधान सचिव राजेश खुल्लर ने बताया कि प्रदेश में इंडस्ट्री पूरी तरह से खुल गई है। राज्य में अब किसी भी कंपनी, फैक्ट्री अथवा उद्योग को अपने संस्थान खोलने के लिए हरियाणा सरकार से अनुमति लेने की इजाजत नहीं है, भले ही इस कंपनी या उत्पादक इकाई ने राज्य सरकार से सीएलयू ली हुई या नहीं।
प्रधान सचिव के अनुसार कंपनियां, फैक्ट्रियां तथा उद्योग धंधे पहले जिस तरह से काम कर रहे थे, ठीक उसी तरह से अपना काम आरंभ कर सकते हैं। यहां तक कि स्लम बस्तियों में छोटे-मोटे काम करने वालों को भी अपने काम धंधे दोबारा शुरू करने की इजाजत सरकार या प्रशासन से लने की जरूरत नहीं है।
एक सवाल के जवाब में बताया कि यदि श्रमिक या कामगार अपने राज्यों से वापस हरियाणा आना चाहते हैं तो सरकार उद्यमियों के जरिये उन्हेंं लाने को हरसंभव मदद करने के लिए तैयार है। इसके लिए उद्यमियों को सरकार के समक्ष अनुरोध पत्र देना होगा।
राजेश खुल्लर के अनुसार जिन उद्योगपतियों ने एचएसआइआइडीसी से प्लाट खरीदे हैं, उन्हेंं प्लाट के रकम की भुगतान के लिए सरकार ने काफी रियायतें दी हैं। जिस प्लाटधारक की 15 मार्च या उसके बाद 30 जून तक देनदारी है, उससे किसी तरह का ब्याज नहीं लिया जाएगा। उन्हेंं सिर्फ मूल धन देना होगा। प्रदेश सरकार ने ब्याज व रिकवरी के सारे नोटिस वापस ले लिएहैं तथा लेट पेमेंट पर अब किसी तरह की पेनल्टी नहीं ली जाएगी।
