
गोरखपुर: जेल से छूटे सिपाही ने मंगलवार रात जिला अस्पताल में भर्ती बड़ी बहन को खाना देकर लौट रही 10 वर्षीय बच्ची का अपहरण कर लिया। सीसीटीवी फुटेज से वर्दीधारी आरोपित की पहचान डायल 112 से निलंबित सिपाही अभिषेक यादव के रूप में हुई। उसने एक वर्ष पहले भी वर्दी में ही रेलवे स्टेशन से बंगाली युवती को अगवा कर हैवानियत की थी। तब युवती के पीछे हटने के बाद पुलिस ने उसे फर्जी आधार कार्ड के मामले में जेल भेजा था।
आजमगढ़ के कप्तानगंज थाना क्षेत्र के एक गांव के रहने वाले बच्ची के पिता ने बताया कि वह पिछले चार वर्षों से गोरखपुर में परिवार के साथ रहकर ई-रिक्शा चलाते हैं। 27 जुलाई को उनकी बड़ी बेटी की तबीयत खराब होने पर उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया। मंगलवार रात साढ़े आठ बजे 10 वर्षीय बेटी अस्पताल में बड़ी बहन को खाना देने गई थी।
खाना खिलाने के बाद रात करीब नौ बजे वह घर के लिए निकली, लेकिन देर रात तक नहीं पहुंची। इसके बाद परिवार समेत अस्पताल परिसर और आसपास तलाश की। कोई सुराग न मिलने पर रात में ही पुलिस को सूचना दी। अस्पताल में भर्ती 13 वर्षीय बेटी ने बताया कि दोनों बहनें अस्पताल परिसर में बैठकर खाना खा रही थीं। इसी दौरान पुलिस की वर्दी पहने एक युवक वहां आया और पता पूछने लगा। इसके बाद उसने पूछा, घर कौन जाएगा और कहा कि वह बाइक से छोड़ देगा। जब उसने जाने से इनकार कर दिया तो छोटी बहन पर घर चलने का दबाव बनाने लगा।
संदिग्ध युवक काफी देर तक वहीं घूमता रहा। जब बहन घर के लिए निकली तो वह भी उसके पीछे चला गया। बुधवार सुबह पीड़ित पिता ने तहरीर दी। मामले की सूचना पर एसएसपी डा. कौस्तुभ शाम को कोतवाली पहुंचे। पीड़ित परिवार को कार्रवाई का आश्वासन दिया। इस पर आननफानन मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू की। एसपी सिटी निमिष पाटील ने बताया कि बच्ची के पिता की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर कार्रवाई करते हुए एक सिपाही को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
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