
फरीदाबाद: कूड़ा निस्तारण का काम शुरू करने से पहले ही एजेंसी विवादों में घेरे में आ गई है। सीएम की अध्यक्षता में हुई हाई पावर परचेज कमेटी की बैठक में एजेंसी का प्रस्ताव रद करने और 10 दिन भीतर नई कंपनी खोजने का आदेश नगर निगम को दिया गया है। इसके साथ ही कूड़ा उठान को लेकर महाराष्ट्र और गुजरात की जो एजेंसी तय की गई थी। उनको दिसंबर तक काम शुरू करने को कहा गया है। ईस्ट जोन का काम लेने वाली एजेंसी का पार्षदों की ओर से विरोध किया गया था। उनका कहना था कि एजेंसी को जयपुर नगर निगम द्वारा टर्मिनेट भी कर दिया गया था। इसके बावजूद फरीदाबाद में कूड़ा उठान का ठेका दे दिया गया। पार्षदों की ओर से मामले की जांच की मांग की गई थी। लेकिन हाईपावर परचेज कमेटी ने सभी आरोपों को दरकिनार करते हुए दिसंबर तक दोनों एजेंसी को अपना काम शुरू करने के लिए कहा है।
तीन माह में 40 हजार टन कूड़े का पहाड़ एकत्र
जून माह से निस्तारण केंद्र पर काम बंद पड़ा है। लेकिन प्रतिदिन 25 से 30 ट्रक कचरा रोजाना साइट पर भेजा जा रहा है। 40 हजार टन से अधिक कूड़े का पहाड़ वहां पर खड़ा हो गया है। आसपास के लोगों को अब कूड़े की बदबू से परेशानी होने लगी है। जिसको लेकर जोरदार विरोध भी जताया जा रहा है। खुद विधायक भी निस्तारण केंद्र को लेकर विरोध में आ गए है। उनका कहना है कि प्रतापगढ़ में केवल एनआइटी का कचरा ही निस्तारित होगा। सभी विधानसभा क्षेत्र में अलग-अलग निस्तारण केंद्र बनाए जाए।
कंपनी के रेट में पाया गया भारी अंतर
बताया जा रहा है कि प्रतापगढ़ कूड़ा निस्तारण केंद्र को लेकर जिस एजेंसी को ठेका दिया गया था। उसने दूसरे जिले में टेंडर को लेकर काफी कम रेट डाला था। जबकि फरीदाबाद में डाले गए टेंडर के रेट में दो से तीन गुणा का अंतर पाया गया। जिसकी वजह से एजेंसी को गड़बड़ी का आरोपित मनाते हुए ब्लैकलिस्ट करने के आदेश दिए गए है।
प्रतापगढ़ निस्तारण केंद्र को लेकर हाईपावर कमेटी की बैठक में जो भी फैसला हुआ है। उसको लेकर अभी पूरी जानकारी नहीं है। सरकार की ओर से नगर निगम के पास नई कमेटी खोजने को लेकर कोई पत्र नहीं आया है। – लख्मी तेवतिया, एसडीओ, नगर निगम
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