भिवानी : भिवानी के बड़ेसरा गांव में चुनावी रंजिश इस कदर बढ़ गई है, कि एक ही परिवार के पांच लोगों की अब तक हत्या की जा चुकी है। इन केसों में आरोपी पक्ष के 22 लोग जेल में है। वहीं अब बुधवार की सुबह सुबह घर के आगे बैठे 83 वर्षीय बुजुर्ग की गोलियां मारकर हत्या कर दी। आरोपी परिवार भी पहले सरपंच रह चुका है।
इस हत्याकांड की वजह एक आरटीआई है। मृतक परिवार ने सरपंच परिवार की आरटीआई लगाई थी, जिसमें फर्जी डिग्री का खुलासा हुआ था, जिसके बाद सरपंची चली गई थी। इसके बाद से दोनों परिवारों में खूनी संघर्ष शुरु हुआ, जिसमें एक के बाद एक करके पांच हत्याएं हो चुकी है। इसी कड़ी में बुधवार को बुजुर्ग सुबे सिंह की भी हत्या कर दी गई।
पुलिस अधिकारी विरेंद्र सिंह बताते हैं कि बुधवार की सुबह जब सुबे सिंह अपने घर के बाहर बैठे थे, तभी सफेद रंग की कार में सवार होकर आए चार युवकों ने ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। जिसमें सुबे सिंह की मौके पर ही मौत हो गई। सुबे सिंह को तीन गोलियां लगी थी। इस मामले में पुलिस ने तीन टीमों का गठन किया है।
ग्रामीण बताते हैं कि गांव के ही बलजीत ने सुदेश सरपंच की आरटीआई लगाई थी, जिसमें पाया गया कि सुदेश की दसवीं की डिग्री फर्जी है। जिसके बाद सुदेश को सरपंच पद से बर्खास्त कर दिया था। उसके बाद आरटीआई लगाने वाले परिवार में आपसी रंजिश हो गई।
7 जुलाई 2017 को सरपंच परिवार ने आरटीआई लगाने वाले बलजीत परिवार पर पिस्टल, चाकू व डंडों के साथ में हमला किया। इस हमले में गोली लगने से बलजीत की मौत हो गई और परिवार के अन्य सदस्यों को गंभीर चोटे आई। इसके बाद से परिवार के 5 सदस्यों की हत्या की जा चुकी हैं।
83 वर्षीय सूबे सिंह की हत्या भी इसमें शामिल है। पुलिस ने सूबे सिंह के परिवार को पुलिस सुरक्षा व परिवार के सदस्यों को पांच से सात हथियारों के लाइसेंस भी दे रखे थे, इसके बाद भी यह हत्या हो गई जबकि प्रतिद्वंदी परिवार के 22 सदस्य जेल में हैं। मृतक के परिवार वालों ने सरपंच सुदेश के पति बबलू पर हत्या का आरोप लगाया है। पुलिस आरोपियों को तलाश कर रही है।


