कोरोना काल के चलते लोग जहां घरों से ज्यादा बाहर न जाने को लेकर मजबूर हैं, तो दूसरी तरफ कुछ लोग फायदा उठाते हैं और चंपत लगाकर धोखाधड़ी करते हैं। ऐसे कई लोग सक्रिय हैं, जो लोगों को किसी ना किसी बहाने से प्रलोभन देकर उनके खाते से पैसे निकाल रहे हैं।
Cashless Transaction के इस दौर में लोगों के साथ ठगी के मामलों में काफी इजाफा हुआ है। लोगों को क्रैडिट, डेबिट या किसी तरफ की स्कीमों के जरिए चंपत लगाते हैं।
इस प्रकार की ठगी होने के बाद ग्राहक भी परेशान हो जाता है कि पैसे कटने के बाद आखिर करें तो क्या करें, लेकिन इसके लिए अब ग्राहकों को परेशान होने की जरुरत नहीं है, ग्राहकों को उनका पैसा वापस मिल सकता है, इसके लिए ग्राहक को कुछ नियमों की पालना करनी होगी।
ये है पूरी प्रक्रिया
- अगर बैंक खाते से पैसे कटते हैं तो तुरंत ही बैंक के हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करें और अपने खाते की सभी ट्रांजेक्शनों को ब्लॉक करवा दें, ताकि कोई इसी प्रकार से दोबारा उसी वक्त पैसे ना निकाल सके।
- बैंकों की तरफ से अलग-अलग हैल्पलाइन नंबर जारी किए गए हैं। बैंक को तुरंत ही अपना डेबिट या क्रेडिट कार्ड को ब्लॉक करवाने की रिक्वेस्ट डाल दें।
- इसके बाद आप बैंक में कॉल के बाद दूसरी प्रोसेस पुलिस के पास जाकर शिकायत करने की है। अपनी बैंक की पासबुक और खाते से कटी हुई रकम के मैसेज के साथ पुलिस को शिकायत करें।
- इसके बाद अपने होम ब्रांच में जाकर लिखित में शिकायत दें। अगर पैसे निकाले गए हैं तो एक फार्म आपको बैंक में भरकर देना होगा। इसके बाद बैंक सीसीटीवी व अन्य तरीके से निकाले गए पैसे के कारणों की जांच करेगा।
- बैंकों की तरफ से अपने ग्राहकों को शैडो बैलेंस दिया जाता है। यानि बैंक में जांच शुरु होने के बाद ग्राहक के खाते से जितने पैसे कटे हैं वो ग्राहक के खाते में शैडो बैंक बैलेंस के रुप में दिखाई देंगे, लेकिन ग्राहक उन पैसों को तब तक नहीं निकाल सकता जब तक जांच पूरी ना हो जाए।
- जांच पूरी हो जाने के बाद यदि बैंक को लगता है कि आपके खाते से किसी ने एटीएम या हैकिंग के जरिए पैसे निकाले हैं तो बैंक आपके खाते से निकाली गई रकम वापस खाते में डाल देता है।
