कुरुक्षेत्र : हरियाणा सरकार ने कृषि संबंधी तीन अध्यादेशों के विरोध में गतिरोध बढ़ते देख तीन सांसदों की एक कमेटी गठित की है। यह कमेटी किसानों के बीच पहुंचकर उनसे संवाद करेगी। उम्मीद है 15 सितंबर से पहले ही कमेटी अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। वहीं, भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष ने कमेटी को खारिज करते हुए इसको ढकोसला और छल बताया है। उन्होंने साफ कहा कि सरकार एक तरफ संवाद के लिए कमेटी गठित कर रही है, दूसरी तरफ प्रदेशभर में किसानों पर मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं। यह सब किसानों के आंदोलन को ठंडा करने की सोची समझी चाल है। बता दें दो दिन पूर्व किसानों ने पिपली में उग्र आंदोलन किया था। इस दौरान पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा था।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ओमप्रकाश धनखड़ ने शुक्रवार को कुरुक्षेत्र सांसद नायब सिंह सैनी, हिसार सांसद बृजेंद्र और भिवानी सांसद धर्मवीर सिंह की एक कमेटी गठित की है। यह कमेटी किसानों के बीच जाएगी और उनसे तीनों अध्यादेशों के बारे में विस्तार से चर्चा करेगी। कमेटी अपनी रिपोर्ट 15 सितंबर से पहले देगी।
प्रदेश अध्यक्ष गुरनाम सिंह बोले, गिरफ्तारी को तैयार किसान
भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी का शुक्रवार को सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ है। 1.54 मिनट का वीडियो खेतों में बनाया गया है। गुरनाम सिंह चढूनी ने साफ कहा कि सरकार का कमेटी गठित करना ढकोसला और छल है। यह कुछ किसानों की राय तक ही सीमित रह जाएगी। ऐसा कर सरकार इस मुद्दे को शांत करना चाहती है।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ओमप्रकाश धनखड़ और भाजपा सरकार ईमानदारी से बात करना चाहती है तो 14-15 सितंबर को होने वाले सत्र में इन तीनों अध्यादेशों को शामिल न करें। सरकार दो दिन के सत्र में तीनों अध्यादेशों को कानून का रूप देना चाहती है। वे किसानों के आंदोलन को राजनीतिक आंदोलन नहीं होने देंगे। सरकार किसानों के खिलाफ मुकदमे दर्ज करना चाहती है तो खुलकर करें। सरकार अपनी एक सूची बनाकर भाकियू को दे दें। वे सब लोग खुद गिरफ्तारी देने पहुंच जाएंगे। सरकार इसके लिए अपनी जेेलों को भी तैयार कर लें।
