प्रयागराज : प्रयागराज के मऊआइमा कस्बे में करीब 50 हजार की आबादी है। यहां हजियाना मोहल्ला, कजियाना कला मोहल्ला, महतवाना मोहल्ला, मियां जी का पूरा, आजमपुर, नया पूरा, मुस्तफाबाद, काजी का पूरा में काढ़ा खानपान का हिस्सा बन चला है। क्षेत्र में करीब दो हजार लोग कोरोना वायरस से संक्रमित हुए हैैं। अभी भी कई होम आइसोलेशन में हैैं। रोचक बात यह है कि सेहत के बाजार ने भी आपदा को अवसर मान लिया है। इसी के तहत तो यहां रामबाण माना जाने वाला काढ़ा भी बाजार में बिकने लगा है।

मऊआइमा में कुछ हकीम काढ़े की कर रहे बिक्री
कोरोना काल में सेहत के लिए रामबाण माना जा रहा काढ़ा अब बाजार का भी हिस्सा बन चला है। देश के अन्य हिस्सों का हाल तो पता नहीं लेकिन मऊआइमा नगर पंचायत की मुस्लिम बाहुल्य बस्तियों में लोग बहुतायत में चाय के विकल्प के रूप में काढ़े का इस्तेमाल करने लगे हैैं। कुछ हकीमों ने इसकी बिक्री भी शुरू कर दी है। दो सौ मिलीलीटर की शीशी 25 से 30 रुपये में बिक रही है। काजियान कला मोहल्ले में पानी की टंकी के पास हकीम मोहम्मद मियां और आजमपुर मोहल्ले में तीन बत्ती के पास हकीम इमरान हर दिन रेडीमेड काढ़ा शीशियों में बेचने लगे हैैं। कहते हैैं कि करीब 30 शीशियां फिलहाल रोज बिक रही हैैं। गुड़ तो महंगा हुआ ही है।
बढ़-चढ़ कर किए जा रहे हैैं दावे
काढ़ा का सेवन करने वालों का दावा भी दिलचस्प है। अबु हलीम पट्टी मोहल्ला निवासी शमीमउद्दीन को उनकी पत्नी ने चाय की जगह काढ़ा दिया तो वह पहले आगबबूला हो उठे पर इसका सेवन फायदेमंद रहा। कहते हैैं कि सर्दी बुखार व खांसी की पुरानी समस्या खत्म हो गई। वह अब सुबह और रात में सोने से पहले काढ़ा पीना नहीं भूलते। मोहल्ला महतवाना निवासी मोहम्मद वासिक का दावा मानें तो उन्हें घुटने के दर्द से तो राहत मिली ही पाचन शक्ति भी बेहतर हो गई है।
इस काढ़े को घर में भी ऐसे कर सकते हैं तैयार
सबसे पहले पैन में पानी डालें और तुलसी की पत्तियों को अच्छी तरह धोकर उसमें डाल दें। इसके बाद सोंठ, काली मिर्च, पीपल की छाल, जावित्री, जायफल, लौंग, छोटी इलायची, बड़ी इलायची का पावडर मिला दें। फिर 15 से 20 मिनट तक धीमी आंच पर उबालें। जब पानी आधा हो जाए तो आंच बंद कर दें और ठंडा होने के बाद इसे छान कर जरूरत के अनुुसार देसी गुड़ मिला लें।
एहितयात भी है जरूरी
स्थानीय लाइफ केयर हॉस्पिटल के चिकित्सक डॉक्टर महताब आलम बताते हैं कि काढ़ा में एंटीऑक्सीडेंट व एंटीइंफ्लेमेटरी मिलता है जो इम्युनिटी बढ़ाने का काम करता है। वह कहते हैैं कि यदि नाक से खून आए, मुंह में छाले पडऩे लगे अथवा लघुशंका करते जलन महसूस हो तो इसका उपयोग रोक देना चाहिए।
