पड़ोसियों की पिटाई से बचने को एक महिला दौड़ते-दौड़ते महिला थाने तक पहुंच गई, लेकिन उसके बचाव के लिए कोई भी कर्मी सामने नहीं आया। महिला का आरोप है कि लोगों की सुरक्षा के लिए खुले रहने वाले थाने के दरवाजे काफी चीख-पुकार के बाद उसके लिए बंद ही रहे। यह मामला सामने आता ही नहीं, अगर महिला का बेटा इस घटना का वीडियो नहीं बनाता। पीड़ितों ने मंगलवार को इस पूरे प्रकरण की शिकायत डीएसपी मुख्यालय को दी। डीएसपी ने पूरे मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं। वहीं मामला रविवार रात का है।

घटना के अनुसार पड़ोसी महिलाओं से हुए झगड़े के बाद महिला अपने बचाव के लिए महिला थाने की ओर दौड़ी, लेकिन उसे थाने का दरवाजा बंद मिला। इतनी ही देर में महिला का पीछा करते हुए पड़ोसी महिला अपनी तीन बेटियों व एक व्यक्ति के साथ वहीं पहुंच गई और उस पर फिर से हमला कर दिया। महिला और युवतियों ने पहले तो उसकी काफी पिटाई की। इस दौरान उन्होंने उसके कपड़े तक फाड़ दिए। उन चारों का दिल इतने पर भी नहीं भरा, उन्होंने उसे दांतों से भी कई जगह काट खाया। इस दौरान बेबस बेटा चिल्लाता रहा व अपनी मां को बचाने के लिए गुहार लगाता रहा। लेकिन उनकी किसी ने सुनवाई नहीं की और कुछ देर बाद मां-बेटा वहां से इसी हालत में लौट गए।
डीएसपी मुख्यालय को दी शिकायत में करतारपुरा निवासी पीड़ित महिला ने बताया कि 15 जून को उसने सीएम, डीआईजी, आईजी, एसपी को अपने पड़ोसियों के बारे में शिकायत दी थी कि वे उन्हें किसी झूठे केस में फंसवाने व जान से मारने की धमकी देने के साथ उनके साथ जबरदस्ती लड़ाई झगड़ा कर रहे हैं। इसी बात पर 19 सितंबर को दो पुलिसकर्मी उनके घर आए थे और समझौते के लिखित पत्र पर हस्ताक्षर करवा ले गए। 20 सितंबर को पड़ोसी दो पुलिसकर्मियों के साथ फिर से उनके घर पहुंचा और वहां आते ही उसने उनके साथ गाली गलौज करना शुरू कर दिया। उक्त शख्स की पत्नी व लड़कियों ने वहां आते ही उनसे झगड़ा करना शुरू कर दिया।
इसके बाद वे वहां से तुरंत इंद्रा कॉलोनी चौकी चली गई। जहां पुलिस ने उल्टा उसके बेटे और पति का चालान कर वहां बैठा लिया। इस दौरान चौकी के बाहर खड़ी पड़ोसी महिला व उसकी बेटियों ने उसके साथ मारपीट करनी शुरू कर दी। इसके बाद वह अपने दूसरे बेटे के साथ दौड़ती हुई महिला थाने पहुंची। लेकिन उसे वहां के गेट बंद मिले। पीड़ित महिला ने आरोप लगाया कि पड़ोसी महिलाओं ने भी इस प्रकरण की वीडियो बनाई और अब जगह-जगह दिखाकर उनको बेइज्जत भी कर रहे हैं। साथ दी इसे सोशल मीडिया पर वायरल करने की भी धमकी दे रहे हैं।
बेटे ने बचाव में लगाई आवाजें, पर नहीं पहुंची सुरक्षा प्रहरियों के कानों तक
वीडियो में पीड़ित महिला का बेटा थाने के बाहर जोर-जोर से बचाने की गुहार लगा रहा है। लेकिन उसकी गुहार अनसुनी हो रही है। वीडियो में युवक बोल रहा है कि मम्मी मार दी मेरी, कोई तो बचाओ। लेकिन उसकी पुकार अंधेरे में कहीं गुम हो जा रही है।
क्या नियम हैं थाने के?
थाने के गेट कभी बंद नहीं हो सकते। इन्हें हफ्ते के सातों दिन 24 घंटे खुले रखने का नियम है। वहां पर नियमित संतरी की ड्यूटी होनी चाहिए। अगर फिर भी गेट बंद है तो वहां पर संतरी जरूर होना चाहिए। कोरोना महामारी में भी थाने के गेट बंद करने के कोई निर्देश नहीं थे। उसके बाद भी थाने के गेट बंद मिले। सिर्फ कर्मियों में सोशल डिस्टेंसिंग रखने के निर्देश आए थे।
महिला ने लिखित शिकायत में पड़ोसियों के साथ विवाद होने, मारपीट होने व महिला थाना के बंद गेट के बाहर मारपीट कर कपड़े फाड़कर वीडियो बनाने का आरोप चार नामजद सहित पांच पर लगाया है। महिला ने वीडियो दी है, जिसमें यह पूरा प्रकरण महिला थाने के बाहर हुआ है व वह अपने बेटे के साथ बचाव में थाने के अंदर आवाज लगा रहे हैं और दरवाजा खटखटा रहे हैं। इस मामले की जांच के आदेश दिए हैं, जल्द आगामी कार्रवाई की जाएगी। – गोरखपाल राणा, डीएसपी मुख्यालय।
