कोरोना से मुकाबला करना है तो पौष्टिक व ताजा भोजन लें। बचाव के मानकों का पालन कर बाजार में बिकने वाले खाद्य पदार्थो से बचना होगा। पंडित भगवत दयाल शर्मा पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस (पीजीआइएमएस) की डायटीशियन मीनू ने बताया कि फास्ट फूड व अन्य खाद्य पदार्थ रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर करते हैं, जिससे शरीर पर वायरस जल्दी असर करता है।

कोरोना संक्रमण के कारण लोगों में दहशत का माहौल है। इसके बाद भी लोग अब धीरे-धीरे सामान्य स्थिति की ओर बढ़ रहे हैं, जिससे संक्रमण को फैलने में काफी मदद मिल रही है। लोगों ने बाजार में बिकने वाले फास्ट फूड व अन्य खाद्य पदार्थो का सेवन भी लोगों ने शुरू कर दिया है।
संभव हो तो घरों में ही उगाएं सब्जियां
फलों व सब्जियों के माध्यम से भी कोरोना फैल सकता है। बाजार से सब्जियां खरीदने से बेहतर है कि अपने घरों में ही सब्जियां उगाएं। इससे न केवल ताजा सब्जियां मिलेंगी, बल्कि घर का वातावरण भी शुद्ध रहेगा। साथ ही नियमित योग और व्यायाम करना भी आवश्यक है। फास्ट फूड और जंक फूड को नजरअंदाज करें।
घर पर ही इस तरह बनाएं काढ़ा
एक बर्तन में दो गिलास पानी डालें। इसके बाद तुलसी, इलाइची पाउडर, काली मिर्च, अदरक और मुनक्का डाल दें। अब इस मिक्सचर को मिला लें और इसे 15 मिनट तक उबाल लें। इसके बाद इसे ठंडा होने के लिए रख दें और छानकर पी लें। इसमें मौजूद काली मिर्च कफ निकालने का काम करती है। वहीं, तुलसी-अदरक और इलाइची पाउडर में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं। तुलसी में एंटी-माइक्रोबल प्रॉपर्टीज होती हैं, जो सांस से जुड़े इंफेक्शन को मारने का काम करती है।
प्रोटीन, विटामिन सी युक्त डाइट लें
न्यूट्रीशियनिस्ट निकिता गर्ग ने बताया कि डाइट में प्रोटीन, विटामिन सी सबसे अधिक आवश्यक है। हीमोग्लोबिन (खून की मात्र) को बनाए रखने के लिए प्रोटीन की खुराक अति आवश्यक है। वेजिटेरियन लोगों को प्रोटीन के लिए पनीर, दूध का सेवन करना चाहिए। नॉन वेज खाने वालों को अंडे का सेवन करना चाहिए। एंटीबायोटिक्स के तौर पर हल्दी या हल्दी के कैप्सूल (करक्युमिन) का सेवन करना चाहिए। विटामिन सी की कमी को दूर करने के लिए जूस के साथ कैप्सूल ले सकते हैं।
गर्मी में काढ़ा पीने से लोगों को स्किन, पेट संबंधी परेशानी होती थीं, लेकिन अब मौसम में बदलाव के साथ ही इस प्रकार की समस्याएं नहीं होंगी। कोरोना को रोकने में काढ़ा काफी मददगार साबित हुआ है। आज के दौर में खुद को सुरक्षित रखना आवश्यक है। मौसम में बदलाव के कारण रूम टेंपरेचर (न गर्म और न ठंडी) खाद्य सामग्री का प्रयोग करें। यदि दही व लस्सी का प्रयोग सुबह करना है तो ही रात को दही जमाएं, अन्यथा प्रयोग से छह घंटे पहले ही जमाएं, ताकि वह ताजा बना रहे। -मीनू, डायटीशियन, पीजीआइएमएस, रोहतक
रेसिपी
पांच से छह तुलसी के पत्ते
आधा चम्मच इलायची पाउडर
काली मिर्च पाउडर
अदरक और मुन्नका
