देश में नए संसद भवन का निर्माण अगले हफ्ते शुरू हो जाएगा। अंग्रेजों के जमाने में बना भारत का संसद भवन अब सिर्फ इतिहास में रह जाएगा। वर्तमान संसद भवन के पास नए संसद भवन का निर्माण किया जा रहा है। नया संसद भवन कैसा होगा, इसकी तस्वीर भी सामने आ गई है। 971 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे नए संसद भवन का भूमिपूजन 10 दिसंबर को दोपहर 1 बजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किया जाएगा। लोकसभा के अध्यक्ष ओम बिरला ने शनिवार को इसकी जानकारी दी।ओम बिरला ने कहा कि यह निर्णय लिया गया है कि नए संसद भवन का शिलान्यास समारोह 10 दिसंबर को दोपहर 1 बजे आयोजित किया जाएगा। समारोह की शुरुआत प्रधानमंत्री द्वारा भूमिपूजन से होगी। इससे पहले ओम बिरला ने पीएम मोदी के आवास पर पहुंचकर उन्हें भूमि पूजन कार्यक्रम में मुख्य अतिथि बनने के लिए आमंत्रित किया।

ओम बिरला ने कहा कि नया संसद भवन आत्मनिर्भर भारत का एक ऐसा मंदिर होगा जो राष्ट्र की विविधता को प्रतिबिंबित करेगा। यह पुराने संसद भवन से 17,000 वर्गमीटर बड़ा होगा। उन्होंने कहा कि इसे 971 करोड़ रुपये की लागत से 64,500 वर्गमीटर क्षेत्र में बनाया जाएगा। टाटा प्रोजेक्ट्स लिमिटेड को नए संसद भवन के निर्माण का ठेका दिया गया है। लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि डिजाइन एचसीपी डिजाइन, प्लानिंग एंड मैनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड ने तैयार किया है।
उन्होंने कहा कि आजादी के 75 साल पूरे होने पर हम नए संसद भवन में दोनों सदनों के सत्र की शुरुआत करेंगे। नए संसद भवन में लोकसभा सदस्यों के लिए लगभग 888 सीटें और राज्यसभा सदस्यों के लिए 326 से अधिक सीटें होंगी। ओम बिरला ने कहा कि लोकसभा हॉल 1224 सदस्यों को एक साथ समायोजित करने में सक्षम होगा।
पुराने संसद भवन का क्या होगा
- पुराने भवन का कैसे उपयोग किया जाएगा, उसको लेकर एक कामेटी गठित की जाएगी। जो तय करेगी की पुराने भवन का उपयोग कैसे किया जाना है। ओम बिड़ला ने कहा कि पुराना भवन हमारी पुरातत्व की संपत्ति है। उसे भी पुरातत्व के रूप में रखा जाएगा।
नए संसद भवन की क्या खूबियां होंगी ?
■ भवन को भूकंप की समस्या को ध्यान में रखते हुए बनाया जा रहा है।
■ ये संपूर्ण आत्मनिर्भर भारत का प्रतीक होगा।
■ आने वाले समय के संसद सदस्यों की संख्या को ध्यान में रखते हुए 1224 सदस्यों के बैठने की व्यवस्था होगी।
■ विश्व में एक अलग पहचान वाला भवन होगा।
■ कुल 971 करोड़ की लागत से बनकर तैयार होगा, जबकि 64,500 वर्गफुट में होगा।
■ नए भवन में सभी सदस्यों के लिए कार्यालय होगा।
■ सांसदों की मांग पर सभी सांसदों के लिए 400 वर्ग फुट का एक कार्यालय होगा। जो श्रमशक्ति भवन की खाली जमीन पर बनाया जाएगा और उसके अंदर से एक अंडरग्राउंड रास्ता होगा जो संसद भवन में निकलेगा।
■ दुनिया के सभी संसद भवन में सबसे बेहतर और आधुनिक सुविधाओ से लैस होगा।
■ नई इमारत में भारत की लोकतांत्रिक विरासत, संसद के सदस्यों के लिए एक लाउंज, एक पुस्तकालय, कई समिति कक्ष, भोजन क्षेत्र और पर्याप्त पार्किंग स्थान, दिखाने के लिए एक भव्य संविधान हॉल भी होगा।
■ नए भवन में लोकसभा कक्ष में 888 सदस्यों के बैठने की क्षमता होगी, जबकि राज्यसभा में ऊपरी सदस्यों के लिए 384 सीटें होंगी।
■ यह दोनों सदनों के सदस्यों की संख्या में भविष्य की वृद्धि को ध्यान में रखते हुए किया गया है।
■ वर्तमान में लोकसभा के पास 543 सदस्यों की मंजूरी है और 245 की राज्यसभा है।

