हरियाणा : हरियाणा शिक्षा विभाग ने स्कूल में छात्रों की संख्या को बढ़ाने के लिए स्कूलों को नोटिस जारी किया है। बता दें कि गुरुवार को शिक्षा विभाग ने जिला शिक्षा अधिकारी अंबाला, भिवानी, चरखी दादरी, फरीदाबाद, हिसार, जींद, झज्जर, महेंद्रगढ़, पानीपत, रेवाड़ी, रोहतक, सोनीपत को नोटिस भेजा है।

निदेशक सेकेंडरी शिक्षा हरियाणा द्वारा भेजे गए इस नोटिस में इन विभिन्न जिलों के शिक्षा अधिकारियों को कहा गया है कि वे कम छात्र संख्या वाले राजकीय उच्च विद्यालय, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों में छात्रों की संख्या को बढ़ाएं। निदेशक सेकेंडरी शिक्षा हरियाणा द्वारा कहा गया है कि कुछ राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में छठी से 12वीं की छात्र संख्या 70 या उससे कम है तथा राजकीय उच्च विद्यालयों में छात्र संख्या 6 से 10वीं तक 50 या उससे भी कम है।
नोटिस में कहा गया है कि कम छात्र संख्या वाले विद्यालयों को छात्र संख्या बढ़ाने के लिए शैक्षणिक सत्र 2021-22 के दाखिला के बंद होने की तिथि तक छात्र संख्या बढ़ाने के लिए समय प्रदान किया जाता है। यदि तय समय में भी विद्यालय में छात्र संख्या पर्याप्त नहीं होती तो उन विद्यालयों को निकटतम विद्यालय में विलय कर दिया जाएगा। छात्र संख्या पर्याप्त ना होने की स्थिति में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों के 9वीं से 12वीं तक राजकीय उच्च विद्यालयों के 9वीं व 10वीं के छात्र छात्राओं को अन्य विद्यालयों में शिफ्ट किया जाएगा तथा इन विद्यालयों में कार्यरत प्रवक्ता स्टाफ को भी आवश्यकता अनुसार अस्थाई तौर पर अन्य विद्यालयों में इस शर्त अनुसार भेजा जाएगा कि वे भी ऑनलाइन ट्रांसफर ड्राइव में भाग लेंगे।
8वीं तक के छात्र-छात्राएं उसी विद्यालय में रहेंगे। उन्हें अन्य विद्यालयों में नहीं भेजा जाएगा। छात्र संख्या बढ़ाने की नैतिक जिम्मेदारी जिला शिक्षा अधिकारी विद्यालय के मुख्य स्टाफ के साथ-साथ संबंधित ग्राम पंचायत की भी बनती है। शैक्षणिक सत्र 2020-21 में भी इन विद्यालयों में पर्याप्त पीजीटी उपलब्ध ना होने की दशा में 9वीं से 12वीं छात्र-छात्राओं को 3 किलोमीटर के दायरे में उपलब्ध विद्यालय में अस्थाई तौर पर कक्षा लगाने के लिए भेजा जा सकता है, लेकिन सत्र 2020-21 के लिए छात्र छात्राओं की इनरोलमेंट बोर्ड परीक्षा अपने मूल विद्यालय से ही दी जाएगी।

