अगर आप भी अपनी गाड़ी पर बिना FASTag लगवाए नेशनल हाईवे पर निकले हो, तो जरा ठहर जाए….. क्योंकि अब आपको करना पड़ सकता है परेशानी का सामना। जी हां, बता दें कि देश में सभी वाहनों पर (FASTag लगवाना आज आधी रात से अनिवार्य हो जाएगा। इसका मतलब ये है कि अगर आपके वाहन पर FASTag नहीं होगा तो आप Toll Plaza पर वाहनों की लंबी कतार में भी लगेंगे और पैसे भी ज्यादा चुकाएंगे।
बता दें कि केंद्र सरकार ने 16 फरवरी से FASTag पूरे देश में एकदम अनिवार्य कर दिया है। नियम के मुताबिक बिना FASTag वाली लाइन में आप बिना FASTag के गुजर नहीं सकते हैं। पहले टोल प्लाजा पर एक लाइन कैश काउंटर की होती थी जिसे आज रात से खत्म कर दिया जाएगा। इसके बाद अगर आप नेशनल या स्टेट हाईवे के टोल प्लाजा से बिना FASTag लगवाए गुजरते हैं तो आपको लंबी कतार में लगना पड़ेगा और दोगुना टोल भी देना होगा।
FASTag लेने के बहुत से तरीके हैं। पूरे देश में करीब 23 आधिकारिक बैंक और 30 हजार से ज्यादा PoS मशीन के जरिए FASTag खरीदा जा सकता है। यह काम ऑनलाइन भी किया जा सकता है। किसी भी आधिकारिक बैंक की वेबसाइट पर विजिट करें और फास्टैग संबंधी एप्लिकेशन फॉर्म में मांगी गई जानकारी दें। इसके बाद पेमेंट करना है और बैंक आपके पते पर इसे भेज देगा। इसके लिए आपको कुछ दस्तावेज देने होते हैं जैसे रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट और KYC के लिए आधार कार्ड और पैन कार्ड। बता दें कि कार, जीप, वैन और टाटा ऐस के लिए फास्टैग की कीमत 400 रुपए है, जिसमें सिक्यॉरिटी डिपॉजिट 200 रुपए है। फास्टैग जारी करने की फीस 100 रुपए है।
अब मिनिमम बैलेंस की जरूरत नहीं
हाल ही में नेशनल हाईवेज अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) ने फास्टैग खाते (FASTag Account) में मिनिमम अमाउंट को हटाने का फैसला किया। NHAI ने कहा कि इस कदम का उद्देश्य तेजी से फास्टैग की पहुंच को बढ़ाना है, जिससे बिना किसी रुकावट के सफर तय हो सके और टोल प्लाजा पर होने वाली देरी में कमी आए।
पहले कई FASTag यूजर्स को FASTag से लिंक अकाउंट में पर्याप्त बैलेंस होने के बावजूद टोल प्लाजा से गुजरने में दिक्कत होती थी। पास न मिलने पर वाहन चालक और टोल के कर्मचारियों की कहासुनी होती थी और पीछे चल रहे यात्रियों का समय बेवजह बर्बाद होता था। लेकिन अब फास्टैग को जारी करने वाले बैंक सिक्योरिटी डिपॉजिट के अलावा न्यूनतम रकम रखना अनिवार्य नहीं कर सकते हैं।

