शहर समता विचार मंच की प्रयागराज इकाई की ओर से महिला रचनाकारों को मंच प्रदान किया गया। इसमें महिला कवियत्रियों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। उन्होंने एक से बढ़कर एक रचनाएं पढ़ी। ऑनलाइन जुड़ी कवित्रियों ने भी कविता प्रस्तुत की और खूब तालियां बटोरीं।
इन महिला रचनाकारों ने की हुई प्रस्तुति
काव्य गोष्ठी का आयोजन रचना सक्सेना की अध्यक्षता में हुआ। काव्य गोष्ठी की मुख्य अतिथि राष्ट्रीय संयोजक ऋतंधरा मिश्रा और विशिष्ट अतिथि राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सरिता श्रीवास्तव रहीं। कार्यक्रम का आरंभ नीना मोहन श्रीवास्तव की वाणी वंदना से हुआ। काव्य गोष्ठी में रचना सक्सेना ने ‘क्या लिखूं तुम्हारे यौवन पर मधुमास…’ सुनाकर वाहवाही बटोरी। नीना मोहन ने ‘याद हम सब करें आज उनकी, जिसने आजादी हमको दिलाई…’ सुनाया तो सभी संवेदनाओं से भर उठे। सरिता श्रीवास्तव ने शहर समता का अपना मंच सुनाकर तालियां बटोरीं। सुजाता पांडेय ने ‘तुझको ही तो देखकर मां जीने का मन किया…’ सुनकर मातृत्व भाव को जगाने की कोशिश की।

