सरकार द्वारा स्वास्थ्य के लिए हानिकारक ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन की बिक्री पर प्रतिबंध के बावजूद इसका धड़ल्ले से प्रयोग हो रहा है। दूध बढ़ाने के लिए दुधारु पशुओं को इंजेक्शन के माध्यम से दिए जाने वाले इस दवा का स्वास्थ्य पर विपरीत प्रभाव पड़ रहा है। साथ ही सब्जी उत्पादक भी उत्पादन क्षमता बढ़ाने के लिए सब्जी की फसलों पर इसका प्रयोग कर रहे हैं। जबकि फल, सब्जियां व दूध में प्रयोग होने वाली इस दवा के इस्तेमाल पर रोक लगा दी गई है।
बढ़ जाती है सब्जियों का आकार व उसकी चमक
इतना ही नहीं पशुओं के स्वास्थ्य पर भी बुरा प्रभाव पड़ता है। ऑक्सीटोसिन का इस्तेमाल सिर्फ दूध उत्पादक ही नहीं बल्कि व्यवसायिक खेती करने वाले किसानों ने भी करना शुरू कर दिया है। इस इंजेक्शन को लगाने से सब्जियों का आकार व उसकी चमक बढ़ जाती है इस आकार से सब्जी विक्रेता को मोटा मुनाफा मिलता है। उसके पास आने वाला हर ग्राहक पहले चमकदार और आकार में बड़ी सब्जी ही उठाता है। वह नहीं जानता कि सब्जी नहीं वह जहर खरीदकर ले जा रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार पशुओं को ऑक्सीटोसिन देकर निकाला जाने वाला दूध किसी जहर से कम नहीं है। इस इंजेक्शन के इस्तेमाल से दूध पूरी तरह सुरक्षित नहीं रह जाता। इसके सेवन से शरीर का अंग प्रभावित होता है।
लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़
इस दवा का इस्तेमाल साइड इफेक्ट्स की चिंता किए बिना बड़े पैमाने पर किया जा रहा है। कम लागत में ज्यादा से ज्यादा कमाने के फेर में लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ किया जा रहा है। ऑक्सीटोसिन का इंजेक्शन अब गांवों में भी आसानी से उपलब्ध होने लगा है वह चाहे दूध विक्रेता हो या सब्जी उत्पादक किसान उनके लिए इसे खरीदना सरल हो गया है। चिंताजनक बात यह है कि कई पशुपालक और दूध बेचने वाले दुधारू पशुओं से ज्यादा दूध लेने के लिए उन्हें ऑक्सीटोसिन का इंजेक्शन लगा रहे हैं। इसके प्रभाव से उस पशु ने अधिक दूध दे दिया। लेकिन इसके सेवन से कई प्रकार के स्वास्थ्य संबंधी विकार पैदा हो जाते हैं।
क्या कहते हैं पीएचसी प्रभारी
इस संबंध में पीएचसी प्रभारी ने बताया कि ऑक्सीटोसिन एक हार्मोन है जो स्तनधारी जीवों में पाया जाता है। इसके इस्तेमाल से शरीर की रोगप्रतिरोधक क्षमता प्रभावित हो सकती है। इसका दुरुपयोग भी होने लगा था इसलिए इसे प्रतिबंधित कर दिया गया है। अब इसे गर्भवती महिलाओं के प्रसव काल में भी इस्तेमाल नहीं किया जा सकता है। उसकी जगह पर दूसरी दवा दी जा रही है। ऑक्सीटोसिन की खरीद-बिक्री करने वाले लोगों पर विधि सम्मत कार्रवाई की जाएगी।
