गुजरात के अहमदाबाद में बने दुनिया का सबसे बड़ा क्रिकेट स्टेडियम का उद्घाटन 24 फरवरी 2020 को देश के राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने किया। इस स्टेडियम का नाम अभी तक सरदार पटेल क्रिकेट स्टेडियम था, लेकिन जैसे ही राष्ट्रपति कोविंद ने रोमेट का बटन दबाकर डिजिटली इस स्टेडियम का उद्घाटन हुआ तो सभी हैरान रह गए, क्योंकि इस स्टेडियम का नाम देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम पर रखा गया है।

अभी तक सरदार पटेल स्टेडियम के नाम से जाने-जाने वाले इस स्टेडियम का नाम उद्घाटन से ठीक पहले बदल दिया गया है। अब दुनिया के सबसे बड़े क्रिकेट स्टेडियम को नरेंद्र मोदी स्टेडियम के नाम से जाना जाएगा।
नए स्टेडियम की खासियतें
■ यह स्टेडियम 63 एकड़ में फैला है, जिसमें तीन एंट्री गेट्स हैं।
■ विश्व के सबसे बड़े स्टेडियम में तीन प्रैक्टिस ग्राउंड्स, क्लब हाउस, ओलंपिक साइज स्विमिंग पूल और एक इनडोर क्रिकेट एकेडमी भी बनाई गई है।
■ स्टेडियम का स्ट्रक्चर ऐसा है कि जब भी कोई खिलाड़ी बाउंड्री मारे तो स्टेडियम में बैठने वाला हर क्रिकेट प्रेमी उस बाउंड्री को देख पाए।
■ यह दुनिया में एकमात्र स्टेडियम है, जिसमें अभ्यास और सेंटर पिच के लिए एक ही मिट्टी का इस्तेमाल किया गया है। यहां बेहतर दृश्यता और परछाई को दूर करने के लिए पूरी गोलाकर छत पर एलईडी लाइट लगी है।’
■ दुनिया के सबसे बड़े क्रिकेट स्टेडियम में 11 सेंटर पिचें हैं, यह दुनिया में एकमात्र स्टेडियम हैं, जिसमें मुख्य मैदान पर 11 सेंटर पिचें हैं।
■ यह दुनिया का पहला क्रिकेट स्टेडियम है जिसमें जिम सहित चार विश्वस्तरीय ड्रेसिंग रूम हैं।
■ इसके अलावा 25 लोगों की क्षमता वाले 76 कॉर्पोरेट बॉक्स बनाए गए हैं।
■ यहां मैदान में घास के नीचे रेत का इस्तेमाल किया गया है जिसकी मदद से भारी बारिश के बावजूद मैच कुछ ही घंटे में दोबारा से शुरू हो सकता है।
■ कार और स्कूटर की पार्किंग व्यवस्था की गई है। जिसमें 4 हजार कार और 10 हजार दो पहिया वाहन की पार्किंग की व्यवस्था है।
आपको ये बात जानकर हैरानी होगी कि इस स्टेडियम की नींव खुद नरेंद्र मोदी ने रखी थी। उस दौरान नरेंद्र मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री थे। हालांकि, अब वे देश के प्रधानमंत्री हैं और वे इस स्टेडियम में आ भी चुके हैं। पीएम मोदी पिछले साल फरवरी में अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कार्यक्रम में पहुंचे थे। उस दौरान स्टेडियम का उद्घाटन होना था, लेकिन ये स्टेडियम उस समय तक पूरा नहीं बना था। ऐसे में उद्घाटन कार्यक्रम को टाल दिया गया था।
