
नई दिल्ली। नौकरी की तलाश करने वालों के लिए बड़ी खबर है। सरकार इस साल करोड़ों नौकरियां देने वाली है। दरअसल, दूरसंचार नीति के अनुरूप इस साल के अंत तक देशभर में एक करोड़ सार्वजनिक वाई-फाई हॉटस्पॉट लगाए जाने हैं। इसे स्थापित किए जाने पर दो-तीन करोड़ रोजगार के अवसर पैदा होने की संभावना है।
दूरसंचार सचिव के राजारमण का कहना है कि डिजिटलीकरण को बढ़ावा देने और लोगों को इंटरनेट की सुविधा देने के लिए इस साल एक करोड़ सार्वजनिक वाई-फाई हॉटस्पॉट लगाए जाने हैं। ब्रॉडबैंक इंडिया फोरम (BIF) के एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की वाई-फाई एक्सिस नेटवर्क इंटरफेस (पीएम-वाणी) योजना के विस्तार के लिए वाई-फाई उपकरण निर्माताओं को वाईफाई उपकरणों की कीमतें कम करने पर ध्यान देना चाहिए।
राजारमण ने कहा कि प्रत्येक हॉटस्पॉट से रोजगार के दो-तीन प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार पैदा होने का अनुमान है। अगर इसे ध्यान में रखें तो 2022 तक राष्ट्रीय डिजिटल संचार नीति के लक्ष्य के अनुरूप एक करोड़ हॉटस्पॉट के सृजन से सूक्ष्म एवं मझोले क्षेत्रों में नौकरियों के दो से तीन करोड़ अवसर उत्पन्न होंगे। सार्वजनिक वाई-फाई हॉटस्पॉट योजना में ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलने की भरपूर संभावना है। यह छोटे स्थानीय एवं ग्रामीण क्षेत्र के लाखों उद्यमियों को रोजगार के अवसर देने का भी जरिया बन सकता है।
पीएम-वाणी योजना के तहत देशभर में अब तक 56000 से अधिक वाई-फाई हॉटस्पॉट लगाए जा चुके हैं। राजारमण ने कहा कि विनिर्माताओं को अधिक संख्या में पीएम-वाणी कार्यक्रम से जुड़ना चाहिए। इस मौके पर बीआईएफ ने मेटा (पूर्व में फेसबुक) के साथ साझेदारी में बीआईएफ कनेक्टिविटी एक्सिलेटर प्रोग्राम की शुरुआत की घोषणा की। इसके तहत उद्यमी और स्टार्टअप नए किस्म के कनेक्टिविटी समाधान तैयार करेंगे और सार्वजनिक वाईफाई परिवेश को समर्थन देंगे।
Source News: encounterindia
