दिल्ली में मास्क नहीं लगाने पर जुर्माना खत्म, DDMA का बड़ा फैसला

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दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) की पिछले महीने हुई बैठक में कोविड​​-19 वैश्विक महामारी के प्रकोप के कम होने के बावजूद आगामी त्योहारों के मद्देनजर संक्रमण को लेकर लापरवाही ना बरतने पर जोर दिया गया। हालांकि बैठक में मास्क पहनने की अनिवार्यता और ऐसा ना करने पर लगने वाले 500 रुपये के जुर्माने को हटाने पर भी सहमति बनी। साथ ही इस बात पर सहमति हुई कि जिस भूमि पर 03 कोविड केयर सेंटर (सीसीसी) बने हैं, उन्हें खाली कर वापस सौंपा जाएगा। इसमें कहा गया है कि राधा स्वामी सत्संग, छतरपुर और बुराड़ी स्थित सावन किरल व संत निरंकारी को संबंधित संस्थाओं को वापस सौंपा दिया जाएगा। साथ ही यह भी कहा गया है कि इन कोविड केयर सेंटरों में चिकित्सा उपकरण और मेडिकल स्टोर को उन अस्पतालों में स्थानांतरित किया जाएगा जहां इसकी आवश्यकता होगी।

 

डीडीएमए की 22 सितंबर को हुई बैठक से जुड़ी जानकारी मिली। इसके अनुसार, स्वास्थ्य विभाग मास्क नहीं पहनने पर 500 रुपये के जुर्माने को हटाने के संबंध में बुधवार को एक अधिसूचना जारी कर सकता है। आपदा प्रबंधन के ‘स्पेशल सीईओ’ सुशील सिंह द्वारा बैठक के संबंध में जारी की गई जानकारी के अनुसार, मास्क पहनने की अनिवार्यता हटाने के निर्णय को लेकर बैठक में लोगों अलग-अलग राय थी। हालांकि बाद में इसको लेकर अधिकारियों में एक सहमति बनी। दिल्ली के मुख्य सचिव नरेश कुमार ने बैठक में कहा था कि मौजूदा स्थिति ‘सहज’ है, लेकिन कोरोना वायरस संक्रमण को लेकर लापरवाही नहीं बरती जा सकती क्योंकि इसके नए-नए स्वरूप सामने आते रहते हैं।

 

 

स्वास्थ्य मंत्रालय ने 26 सितंबर से 31 दिसंबर के बीच देश में कई त्योहार होने के मद्देनजर सावधानी बरतने की सलाह दी है। नीति आयोग के सदस्य डॉ. वी. के. पॉल ने बैठक में इस बात पर जोर दिया कि निगरानी अब भी जरूरी है क्योंकि संक्रमण के मामले अब भी आ रहे हैं और समय-समय पर इसके नए-नए स्वरूप सामने आते रहते हैं। एनडीएमए के सदस्य डॉ. राजेंद्र सिंह ने सुझाव दिया कि आने वाले त्योहारों को देखते हुए 15 नवंबर तक मास्क पहनना जारी रखा जाए। दिल्ली पुलिस आयुक्त ने मास्क पहनने की अनिवार्यता के संबंध में स्पष्ट निर्देश देने को कहा।

 

मुख्य सचिव ने सुझाव दिया कि अब एक ‘‘ स्वयंभू अनुशासन प्रणाली” लागू करने की कोशिश की जा सकती है क्योंकि जनता अब अपनी जिम्मेदारियों से अच्छी तरह वाकिफ है। राजस्व मंत्री कैलाश गहलोत ने भी बैठक में मास्क पहनने की अनिवार्यता के नियम में ढील देने पर जोर दिया। उपराज्यपाल वी. के. सक्सेना की अध्यक्षता में हुई बैठक में इस बात पर सरसरी तौर पर सहमति बनी कि कोविड-19 वैश्विक महामारी से निपटने के वास्ते उचित व्यवहार के लिए मास्क पहनना जरूरी है, लेकिन मास्क पहनने की अनिवार्यता संबंधी नियम को महामारी अधिनियम के तहत 30 सितंबर से आगे नहीं बढ़ाया जा सकता है। बैठक में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल भी उपस्थित थे। डीडीएमए की बैठक में सार्वजनिक स्थानों पर मास्क नहीं पहनने पर लगने वाले 500 रुपये के जुर्माने को भी 30 सितंबर के बाद हटाने पर सहमति बनी थी।

 

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