Close Menu
  • होम
  • देश-विदेश
  • हरियाणा
  • दिल्ली
  • फरीदाबाद
  • वायरल
  • जॉब अलर्ट
  • सेहत
  • क्राईम
  • मनोरंजन
  • संपर्क करें
Facebook WhatsApp
Facebook WhatsApp
Faridabad News24
  • होम
  • देश-विदेश
  • हरियाणा
  • दिल्ली
  • फरीदाबाद
  • वायरल
  • जॉब अलर्ट
  • सेहत
  • क्राईम
  • मनोरंजन
  • संपर्क करें
Facebook WhatsApp
Faridabad News24
  • होम
  • देश-विदेश
  • हरियाणा
  • दिल्ली
  • फरीदाबाद
  • वायरल
  • जॉब अलर्ट
  • सेहत
  • क्राईम
  • मनोरंजन
  • संपर्क करें
Home » क्यों मिला था कलयुग में पूजे जाने का वरदान, कौन हैं बाबा खाटू श्याम: Khatu Shyam birthday

क्यों मिला था कलयुग में पूजे जाने का वरदान, कौन हैं बाबा खाटू श्याम: Khatu Shyam birthday

faridabadnews24By faridabadnews24November 4, 2022No Comments2 Mins Read
IMAGES SOURCE : GOOGLE

बाबा खाटू श्याम का संबंध महाभारत काल से माना जाता है। कहा जाता है खाटु श्याम पांडव पुत्र भीम के पौत्र थे। पौराणिक कथा के अनुसार, खाटू श्याम की अपार शक्ति और क्षमता से प्रभावित और खाटू श्याम (बर्बरीक) के शीश के दान से खुश होकर श्रीकृष्ण ने बर्बरीक को वरदान दिया कि तुम कलियुग में बाबा श्याम के नाम से पूजे और जाने जाओगे।  वरदान देने के बाद उनका शीश खाटू नगर राजस्थान राज्य के सीकर जिला में रखा हया इसलिए उन्हें खाटू श्याम बाबा कहा जाता है।

वनवास के दौरान जब पांडव अपनी जान बचाते हुएजगंल में अधर-उधर घूम रहे थे, तो भीम हिडिम्बा से मिले और हिडिम्बा से उन्होंने शादी कर ली, जिससे उनके एक पुत्र हुआ घटोत, घटोत से बर्बरीक हुआ। दोनों ही पिचा और पुत्र भीम की तरह अपनी ताकत और वीरता के लिए प्रसिद्ध थे। जब कौरव और पांडवों के बीच युद्ध होना था, तब बर्बरीक ने युद्ध देखने का निर्णय लिया था। भगवान श्रीकृष्ण ने जब उनसे पूछा वो युद्ध में किसकी तरफ हैं, तो उन्होंने कहा था कि वो पक्ष हारेगा वो उसकी ओर से लड़ेंगे। इसलिए उन्हों आज भी हारे का सहारा कहा जाता है।

 

 

श्रीकृष्ण ने इच्छा स्वीकार करते हुए उनका सिर युद्ध वाली जगह पर एक पहाड़ी पर रख दिया। युद्ध के बाद पांडव लड़ने लगे कि युद्ध की जीत का श्रेय किसे जाता है। तब बर्बरीक ने कहा कि उन्हें जीत भगवान श्रीकृष्ण की वजह से मिली है। भगवान श्रीकृष्ण इस बलिदान से प्रसन्न हुए और कलियुग में श्याम के नाम से पूजे जाने का वरदान दे दिया। भगवान श्रीकृष्ण युद्ध का परिणाम जानते थे और उन्हें डर था कि कहीं पांडवों के लिए उल्टा न पड़ जाए। ऐसे में भगवान श्रीकृष्ण ने बर्बरीक को रोकने के लिए दान की मांग की। दान में उन्होंने उनसे शीश मांग लिया। दान में बर्बरीक ने उनको शीश दे दिया, लेकिन आखिर तक उन्होंने युद्ध देखने की इच्छा जाहिर की।

 

 

NEWS SOURCE : livehindustan

faridabadnews faridabadnews24 who is Baba Khatu Shyam: Khatu Shyam birthday Why was the boon of being worshiped in Kali Yuga
Follow on Facebook Follow on X (Twitter) Follow on YouTube
Share. Facebook Twitter WhatsApp Email Telegram Copy Link
faridabadnews24

Related Posts

कानपुर में अस्पताल संचालक मामा-भांजे ने किया गैंगरेप, वीडियो से करते थे ब्लैकमेल, नर्स की दर्दनाक कहानी

September 12, 2026

भारी पुलिस फोर्स के बीच हुआ ध्वस्तीकरण, सहारनपुर कलेक्ट्रेट मस्जिद पर चला बुलडोजर

September 5, 2026

मध्य रेलवे ने दी जानकारी, चलती ट्रेन में बर्थ पर दीपक जलाकर पूजा करने वाले यात्री पर हुआ एक्शन

September 2, 2026
Leave A Reply Cancel Reply

Facebook X (Twitter) Pinterest Vimeo WhatsApp TikTok Instagram

News

  • देश-विदेश
  • फरीदाबाद
  • हरियाणा
  • कारोबार
  • क्राईम
  • मनोरंजन

Company

  • Information
  • Advertising
  • Classified Ads
  • Contact Info
  • Do Not Sell Data
  • GDPR Policy

Services

  • Subscriptions
  • Customer Support
  • Bulk Packages
  • Newsletters
  • Sponsored News
  • Work With Us

Subscribe to Updates

Get the latest creative news from FooBar about art, design and business.

© 2026 ThemeSphere. Designed by CSe.
  • Contact
  • Privacy Policy
  • Terms and Conditions
  • Disclaimer

Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.