
Rajasthan News : राजस्थान के एक सरकारी स्कूल को तेंदुए ने अपना घर बना लिया है। हालत यह है कि स्कूल के छात्र अब सामुदायिक केंद्रों में पढ़ रहे हैं। मामला कोटा का है। कोटा के नांता महल सरकारी स्कूल में करीब एक हफ्ते पहले एक तेंदुआ घुस आया। इसके बाद से ही वो तेंदुआ सरकारी स्कूल के इस पुराने भवन में रह रहा है। मंगलवार को रणथंभौर नेशनल पार्क से एक टीम तेंदुए को पकड़ने के लिए यहां आई थी। लेकिन अभी तक इस टीम को कामयाबी हाथ नहीं लगी है और तेंदुए को पकड़ा नहीं जा सका है। एक वन अधिकारी ने कहा कि रात के वक्त भी तेंदुए पर लगातार नजर रखी जाएगी और स्कूल भवन के बाहर कुछ लोग भी तैनात किये जाएंगे।
कुछ मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, वन विभाग ने इससे पहले तेंदुए की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए सीसीटीवी कैमरा लगाया और पिंजड़ा भी लगाया गया था। लेकिन जब इसके बाद भी वन विभाग की टीम इस तेंदुए को पकड़ने में नाकाम रही तब यह फैसला लिया गया कि तेंदुए को बेहोश किया जाएगा। एक सदस्य ने मीडिया से बातचीत में कहा, पिंजड़ों के लोकेशन को बदला गया था। लेकिन तेंदुए एक शर्मिला और चालाक जानवर होता है। वो इस पिंजड़े के अंदर घुसा ही नहीं। अब सिर्फ एक ही विकल्प बचा है कि उसे बेहोश कर सुरक्षित तरीके से रेस्क्यू किया जाए।
सूत्रों के हवाले से यह भी कहा जा रहा है कि वन विभाग तेंदुए को बेहोश नहीं करना चाहता। दरअसल पता चला है कि यह मादा तेंदुआ है। जिसके बाद इस बात की भी आशंका जताई जा रही है कि वो गर्भवती हो सकती है। यह स्कूल भवन काफी बड़ा और पुराना है। जाहिर है अगर वन विभाग तेंदुए को बेहोश करने की अपनी योजना को बदल देता है तब इसके बाद इस तेंदुए को सुरक्षित रूप से इस स्कूल से निकलना किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं।
यह भी बताया जा रहा है कि स्थानीय लोग तेंदुए को परेशान कर रहे हैं और रेस्क्यू टीम को भी ऑपरेशन करने में दिक्ततें पैदा कर रहे हैं। स्कूल के आसपास रहने वाले लोग तेज आवाज में गाने चलाते हैं ताकि तेंदुआ उनके परिसर में ना घुसे। इससे तेंदुआ परेशान है और वो शांत नहीं रह रहा। अगर इस इलाके में शांति बनी रहे तो इस ऑपरेशन को आसानी से पूरा किया जा सकता है। बहरहाल आपको बता दें कि तेंदुए के द्वारा स्कूल को घर बनाए जाने के बाद स्थानीय प्रशासन ने विभिन्न सामुदायिक भवनों में छात्रों की पढ़ाई का इंतजाम किया है।
