
नई दिल्ली: 77वें स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित किया। इस दौरान पीएम मोदी ने कई विषयों और मुद्दों को लेकर अपनी बात देशवासियों के सामने रखी। पीएम ने मणिपुर समेत देश के कई हिस्सों में हुई हिंसा को लेकर भी चिंता व्यक्त की। इसके साथ ही कई राज्यों में आई बाढ़ को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर देशभर में शांति स्थापित करने और विकास कार्यों को आगे बढ़ाने के लिए काम करेंगी।
मणिपुर पर बोले पीएम मोदी
मणिपुर में पिछले कई दिनों से चली आ रही हिंसा को लेकर भी पीएम मोदी ने अपनी चिंता व्यक्त की। पीएम ने कहा कि पूर्वोत्तर के कुछ हिस्सों में खासकर मणिपुर में हिंसा बेहद ही चिंताजनक है। यहां महिलाओं और बेटियों के खिलाफ किए गए अपराध ने देश को शर्मसार किया। लेकिन कुछ दिनों से वहां शांति की वापसी हुई है। पीएम मोदी ने कहा कि वहां की राज्य सरकार और केंद्र वापस शांति स्थापित कर रही है और जल्द ही पुराणी स्थिति बहाल हो जाएगी। उन्होंने कहा कि आज पूरा देश मणिपुर और वहां के लोगों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा है।
प्राकृतिक आपदा को लेकर भी जताई चिंता
इस बार प्राकृतिक आपदा ने देश के अनेक हिस्सों में अकल्पनीय संकट पैदा किए। जिन परिवारों ने इस संकट को सहन किया है मैं उन सभी परिवारों के प्रति अपनी संवेदना प्रकट करता हूं। राज्य-केंद्र सरकार मिलकर उन सभी संकटों से मुक्त होकर तेजी से विकास की ओर आगे बढ़ेंगी, ये विश्वास दिलाता हूं।
देश में अवसरों की कमी नहीं- पीएम मोदी
पीएम मोदी ने कहा कि आज युवाओं ने दुनिया के पहले तीन स्टॉर्टअप इकोसिस्टम में भारत को स्थान दिलाया है। उन्होंने कहा देश में अवसरों की कमी नहीं है, जितने अवसर की जरूरत होगी, उतने अवसर निकाले जायेंगे। आप प्रयास करिए, सरकार आपको अवसर प्रदान कराएगी। पीएम मोदी ने कहा कि हमारे पास लोकतंत्र, जनसंख्या और विविधता है और यह त्रिवेणी भारत के हर सपने को साकार करने का सामर्थ्य रखती है।
NEWS SOURCE : indiatv
