
फरीदाबाद: स्मार्ट सिटी फरीदाबाद में ग्रैप का पहला चरण लागू होने के बाद भी कूड़ा-कचरा जलाने पर प्रतिबंध नहीं लगा है। आम लोग प्रदूषण के प्रति जागरुकता नहीं दिखा रहे और नगर निगम अपनी लापरवाही छोड़ने को तैयार नहीं है। परिणामत: कूड़ा-कचरा जलना बदस्तूर जारी है। नगर निगम द्वारा गठित टीमों ने अभी तक काम शुरू नहीं किया है, इसलिए अभी तक कोई चालान भी नहीं किया गया।
शनिवार रात में मेवला महाराजपुर मेट्रो स्टेशन के पास राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे किसी कूड़े में आग लगा दी। सरुरपुर औद्यागिक क्षेत्र में रात में प्लास्टिक का कचरा जलना बदस्तूर जारी है। अरावली में गुरुग्राम रोड पर, बाईपास रोड पर, अनाज गोदाम वाली सड़क के किनारे प्याली चौक पर आदि इलाकों में कूड़ा जलने की करीब पांच शिकायतें फरीदाबाद-311 एप और दमकल विभाग में दर्ज की गई हैं।
ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रेप-1) लागू होने के बावजूद रविवार को भी नगर निगम ने इससे संबंधित कोई काम नही किया। धड़ल्ले से बगैर एंटी स्मॉग गन के ही निर्माण कार्य जारी रहे। कई ढाबों और रेस्त्रा वालों ने धड़ल्ले से कोयला और कबाडियों ने रात में कूड़ा जलाया। पुलिस ने कहीं वाहनों के प्रदूषण की जांच नहीं की। जबकि शहर में वायु गुणवत्ता सूचकांक खराब श्रेणी में पहुंचने पर ग्रेप का पहला चरण बीते शुक्रवार को लागू कर दिया गया। लेकिन इसका कोई खास असर फरीदाबाद में नहीं दिखा। पहले चरण में पुलिस को वाहनों के प्रदूषण कडी जांच करनी होगी। निर्माण कार्यस्थलों पर एंटी स्मॉगगन जैसे उपाय अनिवार्य होंगे। सड़कों की सफाई मशीनों से की जाएगी। लकड़ी के कोयले जलाने पर रोक लगी है। कूड़ा फैंकने और कूड़ा-कचरा जलाने वालों पर पर सख्त कार्रवाई करनी होगी।
ग्रैप के दौरान दिल्ली में प्रवेश नहीं कर सकेंगे भारी माल वाहक वाहन
राजधानी दिल्ली समेत एनसीआर के शहरों में बढ़ रहे प्रदूषण को देखते हुए यातायात पुलिस ने तैयारी तेज कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि फरीदाबाद से दिल्ली होते हुए अन्य शहरों या प्रदेशों में जाने वाले भारी मालवाहक वाहनों को मोठूका और मोहना के पास से कुंडली-गाजियाबाद-पलवल (केजीपी) एक्सप्रेसव-वे पर डायवर्ट किया जाएगा, जिससे फरीदाबाद और दिल्ली में वाहनों का दवाब कम हो। साथ ही बिगड़ रहे आवेहवा में सुधार आए।
स्मार्ट सिटी फरीदाबाद को औद्योगिक नगरी के रूप में भी जाना जाता है। यहां स्थित एनआईटी, डीएलएफ,बल्लभगढ़, एमआईटी, सरूरपुर आदि औद्योगिक क्षेत्रों 25 हजार के आसपास छोटी-बड़ी कंपनी हैं।
जानकारी के अनुसार इन कंपनियों से 50 हजार के आसपास भारी मालवाहक वाहनों का रोजाना आवागमन होता है। इनमें से रोजाना करीब 20 हजार दिल्ली होते हुए अन्य शहरों की ओर जाते हैं। बदरपुर बार्डर के अलावा दिल्ली के सीमावर्ती क्षेत्रों में रात 11 बजे तक वह दिल्ली में नो-एंट्री के खुलने का इंतजार करते हैं। लिहाजा यातायात पुलिस के अधिकारियों का कहना है कि वह ऐसे भारी मालवाहक वाहन, जो फरीदाबाद और दिल्ली होते हुए दूसरे प्रदेशों या शहरों में जाते हैं। उन्हें केजीपी एक्सप्रेस-वे पर डायवर्ट करने की योजना बनाई जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द इसे लागू कर दिया जाएगा।
फरीदाबाद को भी होगा फायदा
वैसे वाहन जो फरीदाबाद के अंदरूनी क्षेत्रों से होकर दूसरे शहर या प्रदेश में पहुंचते हैं, उनमें कमीं आएगी। शहर में ऐसे वाहनों के प्रवेश नहीं करने से ट्रैफिक का दबाव कम होगा। इससे जाम के साथ-साथ प्रदूषण के लिहाज से भी लोगों को फायदा होगा। शहर की आवोहवा सुधरेगी। अधिकारियों का कहना है कि दिल्ली के क्षेत्रों जाने वाले वाहनों को छूट मिल सकेगी। इसके लिए उन्हें संबंधित जगह के बारे में जानकारी देनी होगी। साथ ही जरूरी सामान वाले वाहनों को भी छूट दी जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि एक-दो दिन ट्रायल किया जाएगा। इसके बाद उसे लागू किया जाएगा।
यहां लगाए गए नाके
अधिकारियों के अनुसार एनजीटी के आदेशों को देखते हुए फरीदाबाद-दिल्ली के सीमावर्ती क्षेत्रों में नाके लगाए गए हैं। बदरपुर बार्डर, दुर्गा बिल्डर, चार्म्सवुड, बसंतपुर, इस्माइलपुर, सूरजकुंड-शूटिंग रेंज मार्ग आदि स्थानों पर नाके लगाकर वाहनों की जांच की जा रही। वाहनों के प्रदूषण सर्टिफिकेट देखे जा रहे हैं और चालान किया जा रहा है।
वर्जन-
एनजीटी के आदेश पर हमने तैयारी शुरू कर दी है। दिल्ली होते हुए दूसरे प्रदेशों में पहुंचने वाले वाहनों को बाहरी मार्गों पर डायवर्ट करने की योजना बनाई जा रही है। आगामी कुछ दिनों में केजीपी और अन्य बाहरी मार्ग से ऐसे वाहनों को डायवर्ट किया जाएगा।
-अमित यशवर्धन, डीसीपी ट्रैफिक।
रविवार के कारण टीमें इलाकों में नहीं गई। सोमवार से वार्ड स्तर पर टीमें अपना काम करेगी। आयोग के सभी निर्देशों का पालन सख्ती से किया जाएगा।
बीरेंद्र कर्दम, मुख्य अभियंता, नगर निगम
वायु गुणवत्ता सूचकांक में मामूली सुधार
फरीदाबाद में दो दिन बाद वायु गुणवत्ता सूचकांक में मामूली सुधार हुआ है। शुक्रवार को जहां फरीदाबाद का एक्यूआई खराब स्तर पर 205 रिकार्ड किया गया था। वहीं रविवार को औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक 171 रिकार्ड किया गया। जिसके बाद ग्रैप के पहले चरण के प्रतिबंध एक बार फिर से हटा लिए गए हैं। केंद्रीय वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने इस वर्ष ग्रैप को चार चरणों में विभाजित किया है। इस दौरान शहर का स्थानीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड वायु गुणवत्ता सूचकांक के आधार पर प्रतिबंध की श्रेणी घटा और बढ़ा सकता है। इससे छोटे स्तर पर प्रतिबंध लगाए जा सकेंगे साथ ही वायु गुणवत्ता पर निगरानी रखना भी आसान होगा।
NEWS SOURCE : livehindustan
