नूंह खंड के अंतर्गत आने वाले एक गांव में रहने वाले होमगार्ड की बेटी के साथ पांच युवकों ने दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया। सोचने वाली बात यह है कि पीड़िता का पिता व परिजन 3 दिन तक महिला थाने से लेकर एसपी तक से गुहार लगाते रहे लेकिन सुनवाई नहीं हुई। जिसके बाद मंगलवार को गृह मंत्री अनिल विज को फोन कर मामले से अवगत कराया तब जाकर केस दर्ज हुआ।
दरिंदगी की यह वारदात 2 मई की है पीड़िता ने शिकायत में बताया कि 2 मई की सुबह उसकी मां लकडी लेने जंगल गई और भाई दवा लेने दूसरे गांव में मेडिकल स्टोर पर गया था। दोपहर करीब12:00 बजे घर पर अकेली थी। इस दौरान गांव का राकेश पुत्र लक्ष्मण आया और कहा कि तुम्हारी मम्मी लकड़ी लाने के लिए बुला रही है। जब वह जाने लगी तो रास्ते में राहुल पुत्र रमेश के घर के बाहर खड़े किरणपाल पुत्र लक्ष्मण, विजेंद्र पुत्र श्यामलाल, रिंकू पुत्र लल्लू राम व राहुल ने जबरन अंदर खींच लिया।
इसका विरोध करते हुए वह शोर मचाने लगी तो मुंह पर कपड़ा बांध दिया। इसके बाद पांचों ने बारी-बारी दुष्कर्म किया। किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी दी। पीड़िता ने घर पहुंचकर परिजनों को आपबीती बताई।
पीड़ित परिवार ने घटना के बाद पुलिस कंट्रोल रूम से लेकर महिला हेल्पलाइन तक से मदद मांगी पर सुनवाई नहीं हुई। फिर महिला थाने पहुंची पर सुबह आने की बात कही। इसके बाद पीड़ित परिवार रात में ही जिला सचिवालय में पुलिस महकमे से मदद लेने के लिए पहुंचा, लेकिन वहाँ से उन्हें पुलिस लाइन में भेज दिया गया। पुलिस लाइन में गेट पर तैनात पुलिसकर्मियों से एसपी से मदद दिलाने की गुहार लगाई, लेकिन पुलिसकर्मियों ने एसपी के क्वार्टर पर नहीं होने की बात कही।
जिसके बाद पीड़ित परिवार 3 मई की सुबह दोबारा महिला थाने पहुंचा और इंसाफ की गुहार लगाई। एसपी से मिलने के बाद भी सुनवाई नहीं हुई। 5 मई की दोपहर गृह मंत्री अनिल विज को फोन किया, जिसके बाद मामला दर्ज हुआ। ऐसे में थाना प्रभारी सुमन देवी ने कहा कि 5 मई को ही शिकायत मिली है।
