रेवाड़ी : रेवाड़ी के बीकानेर गांव के रहने वाले युवक के चार परिजनों की रिपोर्ट भी पॉजिटिव आई है। अब गांव में कुल पांच कोरोना पॉजिटिव हो गए हैं, वहीं युवक की इससे पहले रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। एक ही परिवार के पांच लोगों के कोरोना पॉजिटिव पाए जाने के बाद हड़कंप मच गया है।जिला प्रशासन की तरफ से गांव बीकानेर को कंटेनमेंट जोन बनाकर पूरी तरह से सील कर दिया गया है। वहीं परिवार के सदस्यों के संपर्क में आने वाले लोगों की भी पहचान की जा रही है।
बीकानेर गांव का रहने वाला युवक गुरुग्राम की एक कंपनी में नौकरी करता है। युवक कोरोना संक्रमण की चेन को वहीं से लेकर आया है। युवक से ही उसके परिवार के सदस्य भी कोरोना संक्रमित हो गए हैं। दरअसल युवक पहली बार 13 मई को सैंपल देने के लिए नागरिक अस्पताल पहुंचा था। 13 मई को युवक का सैंपल ले लिया गया लेकिन किसी अन्य के नाम पर उसका सैंपल जांच के लिए भेज दिया गया। 15 मई को जब रिपोर्ट आई तो वह उस युवक के नाम पर थी जिसके नाम से सैंपल गया था। जिस युवक के नाम से सैंपल गया था उसे उठाकर अस्पताल में भर्ती कर लिया गया लेकिन युवक ने स्पष्ट कर दिया था कि 13 मई को उसका सैंपल लिया ही नहीं गया इसलिए रिपोर्ट उसकी नहीं है। उसने तो 15 मई को सैंपल दिया था।
युवक के 15 मई को दिए गए सैंपल की रिपोर्ट नेगेटिव आई तो स्वास्थ्य विभाग भी समझ गया कि सैंपल लेने में गड़बड़ी हुई है। वहीं 19 मई को बीकानेर निवासी युवक नागरिक अस्पताल में अपनी रिपोर्ट लेने के लिए पहुंच गया। युवक ने बताया था कि उसने 13 मई को सैंपल दिया था लेकिन रिपोर्ट नहीं आई है। इस बात की जानकारी मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग समझ गया कि गलती से इसी व्यक्ति का सैंपल उस दिन दूसरे के नाम से भेज दिया गया। इसके बाद बीकानेर निवासी युवक को भर्ती करके उनका सैंपल लिया गया था।
सैंपल की रिपोर्ट 21 मई को आई जिसमें वह नेगेटिव पाया गया था। रिपोर्ट नेगेटिव आने के बाद इसी दिन युवक का तीसरा सैंपल लेकर जांच के लिए भेजा गया था जिसकी रिपोर्ट शनिवार को आई और युवक कोरोना पॉजिटिव ही पाया गया। युवक के परिवार के लोगों के भी 21 मई को ही सैंपल लिए गए थे जो कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। परिवार के पांच सदस्यों के एक साथ कोरोना पॉजिटिव पाए जाने पर हड़कंप की स्थिति है। युवक गांव में कई अन्य लोगों के भी संपर्क में आया था जिससे संक्रमण की लंबी चेन बनने का अंदेशा है।
कोरोना पॉजिटिव पाया गया युवक गुरुग्राम की एक कंपनी में कार्यरत है। लॉकडाउन के दौरान भी युवक गांव के ही रहने वाले अपने एक दोस्त के साथ मोटरसाइकिल पर गुरुग्राम आता-जाता रहा है। जिस दोस्त के साथ मोटरसाइकिल पर जाता था वह भी गुरुग्राम में ही कार्यरत है। बताया जा रहा है कि इन युवकों को पुलिस में ही तैनात इनका एक करीबी गुरुग्राम आने जाने में सहायता करता था। स्वास्थ्य विभाग अब इस पूरी चेन के सैंपल ले रहा है।
